असम विधानसभा ने पारित किया समान नागरिक संहिता विधेयक
असम विधानसभा में बड़ा फैसला, यूनिफॉर्म सिविल कोड से जुड़ा विधेयक पास
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असम विधानसभा ने बुधवार को समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को मंजूरी दी, जिससे राज्य में सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक और संपत्ति के उत्तराधिकार जैसे मामलों में समान कानूनी व्यवस्था लागू होगी। असम तीसरा राज्य है जिसने यह विधेयक पारित किया है, जबकि विपक्ष ने इसके खिलाफ आपत्ति जताई थी।
- 01असम विधानसभा ने समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को मंजूरी दी है, जो सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था लागू करेगा।
- 02असम, उत्तराखंड और गुजरात के बाद, ऐसा तीसरा राज्य बन गया है जिसने UCC विधेयक पारित किया है।
- 03इस कानून के तहत सभी धर्मों के लिए शादी, तलाक और गोद लेने के मामले में समान नियम लागू होंगे।
- 04विधेयक में लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण के लिए विशेष प्रावधान भी शामिल हैं।
- 05विपक्ष ने विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की, जिसे सरकार ने खारिज कर दिया।
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असम विधानसभा ने बुधवार को समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को मंजूरी दी, जो राज्य में सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, संपत्ति के उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे पारिवारिक मामलों में समान कानूनी व्यवस्था लागू करेगा। असम, उत्तराखंड और गुजरात के बाद, ऐसा तीसरा राज्य बन गया है जिसने यह विधेयक पारित किया है। इस नए कानून के लागू होने के बाद, सभी धर्मों के लिए शादी, तलाक और गोद लेने के मामलों में एक समान नियम लागू होंगे। विधेयक में लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण के लिए विशेष प्रावधान भी शामिल हैं, जिससे विवाद की स्थिति में कानूनी पारदर्शिता बनी रहेगी। हालांकि, विपक्षी दलों ने इस विधेयक का विरोध किया और इसे प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की, लेकिन सरकार ने इसे ध्वनि मत से पारित करने में सफलता प्राप्त की।
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इस विधेयक के लागू होने से असम के नागरिकों को विवाह, तलाक और गोद लेने के मामलों में समान कानूनी अधिकार मिलेंगे।
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