सांपला नगर पालिका चुनाव: भाजपा और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच मुकाबला
बड़ा राजनीतिक संदेश देने की जंग: हुड्डा के गढ़ में भाजपा बनाम निर्दलीय मुकाबला, पिता-पुत्र प्रचार से रहे दूर
Amar Ujala
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सांपला नगर पालिका चुनाव में भाजपा के प्रवीण कोच, निर्दलीय सुधीर ओहल्याण और अंकित ओहल्याण के बीच मुख्य मुकाबला है। भाजपा ने इस चुनाव को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ में अपनी राजनीतिक ताकत साबित करने का अवसर माना है।
- 01मुख्य मुकाबला भाजपा के प्रवीण कोच और निर्दलीय सुधीर ओहल्याण के बीच है।
- 02भाजपा ने पहली बार चेयरमैन और वार्ड चुनाव पार्टी सिंबल पर लड़ा।
- 03मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और अन्य मंत्रियों ने चुनाव प्रचार किया।
- 04कांग्रेस ने चुनाव पार्टी चुनाव चिह्न पर नहीं लड़ा।
- 05भाजपा की हार को कांग्रेस की नैतिक जीत माना जाएगा।
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सांपला नगर पालिका चुनाव में 10 प्रत्याशी मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा के प्रवीण कोच, निर्दलीय सुधीर ओहल्याण और अंकित ओहल्याण के बीच है। भाजपा ने इस चुनाव को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ में अपनी राजनीतिक ताकत साबित करने का अवसर माना है। भाजपा ने पहली बार चेयरमैन और वार्ड चुनाव पार्टी सिंबल पर लड़ा है, जबकि कांग्रेस ने चुनाव पार्टी चुनाव चिह्न पर नहीं लड़ा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और अन्य मंत्रियों ने चुनाव प्रचार में भाग लिया, जबकि भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके बेटे सांसद दीपेंद्र हुड्डा चुनाव प्रचार से दूर रहे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा की हार को कांग्रेस की नैतिक जीत माना जाएगा, जबकि भाजपा की जीत को बड़ी राजनीतिक सफलता के रूप में पेश किया जाएगा।
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इस चुनाव का परिणाम सांपला नगर पालिका के विकास और राजनीतिक परिदृश्य पर गहरा असर डाल सकता है।
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