मुरैना में DEO कार्यालय के दस्तावेज जलाने पर विवाद, अधिकारियों ने दी सफाई
DEO ने मामले की सफाई दी, मुरैना में दस्तावेज जलाने पर लोगों ने जताई नाराजगी

Image: Globalherald
मुरैना में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में सरकारी दस्तावेज जलाने का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी उत्पन्न हुई है। DEO ने दावा किया है कि जलाई गई फाइलें अनुपयोगी थीं, लेकिन नागरिकों का सवाल है कि महत्वपूर्ण शैक्षणिक रिकॉर्ड कहां गए।
- 011980 से 2000 तक के महत्वपूर्ण शैक्षणिक रिकॉर्ड गायब हो गए हैं, जो हजारों पूर्व छात्रों के भविष्य से जुड़े हैं।
- 02वायरल वीडियो में DEO कार्यालय का एक कर्मचारी कागजात को जलाते हुए दिखाई दे रहा है।
- 03DEO ने कहा कि जलाई गई फाइलें केवल अनुपयोगी थीं और किसी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
- 04स्थानीय नागरिकों और छात्र संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
- 05कर्मचारी सुरेश शाक्य ने कहा कि वह सूखे पत्ते और रद्दी सामग्री जला रहा था, न कि महत्वपूर्ण फाइलें।
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मुरैना में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय एक बार फिर विवादों में घिर गया है, जब एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें कार्यालय के कर्मचारी को सरकारी दस्तावेज जलाते हुए देखा गया। यह घटना 1980 से 2000 तक के महत्वपूर्ण शैक्षणिक रिकॉर्ड के गायब होने के बाद हुई है, जिससे हजारों पूर्व छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। DEO ने दावा किया है कि जलाई गई फाइलें अनुपयोगी थीं और किसी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। हालांकि, स्थानीय नागरिकों और छात्र संगठनों ने इस पर नाराजगी जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वीडियो में दिख रहे कर्मचारी सुरेश शाक्य ने कहा कि वह केवल सूखे पत्ते और रद्दी सामग्री जला रहा था। लेकिन नागरिकों का सवाल है कि यदि जलाई गई फाइलें केवल रद्दी थीं, तो महत्वपूर्ण शैक्षणिक रिकॉर्ड कहां गए?
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स्थानीय छात्रों और नागरिकों के लिए यह मामला गंभीर चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि इससे उनके भविष्य पर असर पड़ सकता है।
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