सिंगरौली में बैगा परिवारों की खदानों के बीच भयावह स्थिति
Singrauli: बारूद के ढेर पर बैगा परिवार! सिंगरौली में NCL की खदानों के बीच फंसी सांसें, जिम्मेदार बने तमाशबीन
Amar Ujala
Image: Amar Ujala
सिंगरौली, मध्य प्रदेश में बैगा समाज के परिवार नार्दर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (NCL) की जयंत परियोजना के बीच फंसे हुए हैं। विस्थापन और पुनर्वास की अनदेखी के चलते ये परिवार खतरनाक परिस्थितियों में जीने को मजबूर हैं, जबकि प्रशासन और जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे हुए हैं।
- 01बैगा समाज के परिवार NCL की खदानों के बीच फंसे हुए हैं।
- 02विस्थापन और पुनर्वास का मामला अब तक सुलझ नहीं सका है।
- 03NCL प्रबंधन की लापरवाही से परिवारों की सुरक्षा खतरे में है।
- 04स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर सवाल उठ रहे हैं।
- 05अनुसूचित जनजाति आयोग भी इस मामले से अनजान बना हुआ है।
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मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में बैगा समाज के दर्जनों परिवार नार्दर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (NCL) की जयंत परियोजना के बीच फंसे हुए हैं। इन परिवारों का जीवन खतरनाक परिस्थितियों में बीत रहा है, क्योंकि उनके घरों के चारों ओर खदान का विस्तार किया गया है। विस्थापन और पुनर्वास का मामला अब तक सुलझ नहीं सका है, जिससे ये परिवार बारूदी विस्फोटों और भारी मशीनों की गड़गड़ाहट के बीच जीने को मजबूर हैं। स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि NCL प्रबंधन विकास के दावे करता है, लेकिन बैगा परिवारों की दयनीय स्थिति की अनदेखी की जा रही है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता भी इस गंभीर मुद्दे को और बढ़ा रही है। यहां तक कि अनुसूचित जनजाति आयोग के जिम्मेदार भी इस मामले से अनजान बने हुए हैं, जो सीधे तौर पर आदिवासी समुदाय के अधिकारों से जुड़ा हुआ है।
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बैगा परिवारों की सुरक्षा और जीवन की गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता है, जो खदानों के बीच फंसे हुए हैं।
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