भोजशाला विवाद: ASI की रिपोर्ट में मंदिरों के अवशेषों से बनी संरचना का दावा
Bhojshala Dispute: 'विवादित संरचना पहले से मौजूद मंदिरों के अवशेषों से बनाई गई थी', भोजशाला विवाद पर ASI की बेबाक टिप्पणी
Ndtv
Image: Ndtv
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद परिसर के विवाद में कहा है कि विवादित स्थल की संरचना पहले से विद्यमान मंदिरों के अवशेषों से बनाई गई थी। ASI ने 98 दिनों के सर्वेक्षण के आधार पर यह दावा किया है।
- 01ASI ने कहा कि विवादित स्थल की संरचना मंदिरों के अवशेषों से बनी है।
- 02यह रिपोर्ट 98 दिनों के वैज्ञानिक सर्वेक्षण पर आधारित है।
- 03हिंदू समुदाय इसे वाग्देवी का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे मस्जिद बताता है।
- 04मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में सुनवाई जारी है।
- 05विवादित स्थल पर पुरातात्विक अवशेषों का अध्ययन किया गया है।
Advertisement
In-Article Ad
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद परिसर के विवाद में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। ASI ने कहा कि इस विवादित स्थल पर धार के परमार राजाओं के शासनकाल की एक विशाल संरचना पहले से विद्यमान थी, और वर्तमान में मौजूद संरचना मंदिरों के अवशेषों से बनाई गई थी। ASI ने 98 दिनों के वैज्ञानिक सर्वेक्षण के आधार पर 2,000 से अधिक पन्नों की रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि विवादित स्थल के स्तंभ और शहतीर मूल रूप से मंदिरों की संरचनाओं का हिस्सा थे। ASI ने यह भी बताया कि संस्कृत और प्राकृत के शिलालेख, अरबी और फारसी के शिलालेखों से पहले के हैं, जो यह दर्शाता है कि यह स्थल पहले से ही धार्मिक गतिविधियों का केंद्र था। उच्च न्यायालय में सुनवाई जारी है, जिसमें हिंदू और मुस्लिम पक्ष अपनी दलीलें पेश कर रहे हैं।
Advertisement
In-Article Ad
इस विवाद का समाधान स्थानीय समुदायों के बीच धार्मिक सद्भाव को प्रभावित कर सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि भोजशाला विवाद का समाधान संभव है?
Connecting to poll...
More about भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।





