बिहार में निजी स्कूलों पर सख्त नियम: री-एडमिशन फीस पर रोक और सिलेबस में बदलाव पर प्रतिबंध
बिहार में निजी स्कूलों पर सख्ती: अब नहीं लगेगा री-एडमिशन फीस, बार-बार नहीं बदलेगा सिलेबस-यूनिफॉर्म का पैटर्न
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बिहार सरकार ने निजी विद्यालयों में पुनर्नामांकन शुल्क पर रोक लगा दी है और अन्य प्रतिबंधित शुल्क लेने पर भी सख्ती बरती है। यह निर्णय अभिभावकों को आर्थिक शोषण से बचाने के लिए लिया गया है। अब विद्यालयों को पाठ्यपुस्तक और यूनिफॉर्म का पैटर्न बार-बार नहीं बदलना होगा।
- 01पुनर्नामांकन शुल्क और अन्य प्रतिबंधित शुल्क अब निजी विद्यालयों द्वारा नहीं लिए जाएंगे।
- 02विद्यालयों को सभी शुल्कों का विवरण सूचना-पट्ट और वेबसाइट पर प्रकाशित करना अनिवार्य होगा।
- 03अभिभावक अपनी सुविधानुसार किसी भी विक्रेता से पुस्तकें और सामग्री खरीद सकते हैं।
- 04पाठ्यपुस्तकें और यूनिफॉर्म का पैटर्न बार-बार नहीं बदला जाएगा।
- 05किसी छात्र को शुल्क बकाया रहने पर कक्षा या परीक्षा से वंचित नहीं किया जा सकेगा।
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बिहार सरकार ने निजी विद्यालयों में पुनर्नामांकन शुल्क पर रोक लगाने का निर्णय लिया है, जिससे अभिभावकों को आर्थिक शोषण से बचाने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डा. बी. राजेन्द्र के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश में कहा गया है कि निजी विद्यालयों को 'नो प्रॉफिट, नो लॉस' के सिद्धांत पर संचालित किया जाना चाहिए। सभी प्रकार के शुल्कों का विवरण विद्यालयों के सूचना-पट्ट और वेबसाइट पर प्रकाशित करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, अभिभावक अपनी सुविधानुसार किसी भी विक्रेता से पुस्तकें और अन्य सामग्री खरीद सकते हैं। विद्यालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पाठ्यपुस्तकें और यूनिफॉर्म का पैटर्न बार-बार नहीं बदला जाएगा। यदि शुल्क वृद्धि अनिवार्य हो, तो संबंधित प्रावधानों का पालन करना होगा। इस निर्णय से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि छात्रों को बिना किसी व्यवधान के उनकी शिक्षा पूरी करने का अवसर मिले।
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इस निर्णय से अभिभावकों को आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी और छात्रों को बिना किसी बाधा के शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
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