मध्य प्रदेश ने वन्यजीव संरक्षण में नए कीर्तिमान स्थापित किए: सीएम मोहन यादव
टाइगर स्टेट से 'कन्जर्वेशन हब' तक: सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश ने रचे वन्यजीव संरक्षण के नए कीर्तिमान
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिसमें कूनो नेशनल पार्क में चीतों का पुनर्वास और नए टाइगर रिजर्व की स्थापना शामिल है। ये प्रयास न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देते हैं बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाते हैं।
- 01कूनो नेशनल पार्क में चीतों का पुनर्वास और उनकी संख्या 57 तक पहुंची।
- 02रातापानी टाइगर रिजर्व को नया टाइगर रिजर्व घोषित किया गया।
- 03माधव टाइगर रिजर्व में मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए सुरक्षा दीवार का निर्माण।
- 04घड़ियाल और कछुओं के संरक्षण के लिए विशेष पहल की गई।
- 05वन्यजीव संरक्षण से स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिला है।
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं, जिनमें कूनो नेशनल पार्क में चीतों का पुनर्वास शामिल है। 10-11 मई को वे कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाई गई दो मादा चीतों को वन क्षेत्र में मुक्त करेंगे। डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य ने रातापानी टाइगर रिजर्व को देश का 8वां टाइगर रिजर्व घोषित किया है, जो कि राज्य की राजधानी के निकटतम है। इसके अलावा, माधव टाइगर रिजर्व में मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए सुरक्षा दीवार का निर्माण किया गया है। मध्य प्रदेश में अब 14,000 से अधिक गिद्ध हैं, और राज्य ने घड़ियाल और कछुओं के संरक्षण के लिए भी कदम उठाए हैं। इन पहलों से न केवल वन्यजीवों का संरक्षण हो रहा है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिल रही है।
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वन्यजीव संरक्षण की पहलों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को रोजगार और पर्यटन के नए अवसर मिल रहे हैं।
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