भारत के आर्थिक फंडामेंटल मजबूत, मिड और स्मॉलकैप शेयरों में वृद्धि की संभावना: निमेश चंदन
बाजार में बढ़त के लिए पूंजीगत खर्च की बहाली, युद्धविराम अहम: निमेश चंदन

Image: Business Standard
बजाज फिनसर्व एएमसी के सीआईओ निमेश चंदन के अनुसार, भारत के आर्थिक फंडामेंटल मजबूत हैं और मिड तथा स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन बेहतर रहने की संभावना है। उन्होंने पूंजीगत खर्च में बढ़ोतरी और भू-राजनीतिक तनाव कम होने से बाजार में सुधार की उम्मीद जताई।
- 01निमेश चंदन ने कहा कि मिड और स्मॉलकैप शेयरों में बेहतर प्रदर्शन की संभावना है, मुख्यतः कमाई में वृद्धि के कारण।
- 02सरकारी पूंजीगत खर्च और निजी निवेश में सुधार के संकेत मिल रहे हैं, जिससे खपत में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
- 03निफ्टी 500 की लगभग 80 फीसदी कंपनियों ने दो अंकों की वृद्धि दर्ज की है, जिसमें राजस्व में 13% और मुनाफे में 32% की बढ़ोतरी शामिल है।
- 04कमोडिटी और ऊर्जा सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, विशेषकर युद्ध से प्रभावित क्षेत्रों में।
- 05निफ्टी 50 का मूल्यांकन पिछले 10 वर्षों के औसत के समान है, जिससे विदेशी निवेश की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
Advertisement
In-Article Ad
बजाज फिनसर्व एएमसी के मुख्य निवेश अधिकारी निमेश चंदन का मानना है कि भारत के आर्थिक फंडामेंटल मजबूत बने हुए हैं, हालांकि भू-राजनीतिक जोखिम बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि मिड और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन लार्जकैप शेयरों की तुलना में बेहतर रहने की संभावना है, विशेषकर कमाई में वृद्धि के कारण। चंदन ने बताया कि पिछले 18 महीनों में कई वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, निजी और सरकारी पूंजीगत खर्च में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि निफ्टी 500 की लगभग 80 फीसदी कंपनियों ने राजस्व में 13% और समायोजित मुनाफे में 32% की वृद्धि दर्ज की है। इसके अलावा, कमोडिटी और ऊर्जा सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जिससे भारतीय धातु और खनन कंपनियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। चंदन ने निफ्टी 50 के मूल्यांकन को उचित बताया, जो पिछले 10 वर्षों के औसत के बराबर है, जिससे विदेशी निवेश की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
Advertisement
In-Article Ad
बाजार में सुधार और पूंजीगत खर्च में वृद्धि से भारतीय कंपनियों की कमाई में सुधार की उम्मीद है, जिससे निवेशकों को लाभ होगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
आपको क्या लगता है कि भारत के आर्थिक फंडामेंटल भविष्य में कैसे प्रभावित होंगे?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।





