भारत का सर्विस सेक्टर निर्यात 400 अरब डॉलर के पार, ऐतिहासिक वृद्धि
क्लाउड सर्विस, AI और डिजिटल सेवा... भारत के सर्विस सेक्टर ने रचा इतिहास, 400 अरब डॉलर के पार पहुंचा निर्यात
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भारत के सर्विस सेक्टर ने वित्त वर्ष 2025-26 में निर्यात 418 अरब डॉलर तक पहुंचा दिया, जो पिछले 11 वर्षों में दोगुना से अधिक है। सर्विस निर्यात का हिस्सा कुल निर्यात में 33% से बढ़कर 50% के करीब पहुंच गया है। सरकार का लक्ष्य 2047 तक वैश्विक सर्विस निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 10% करना है।
- 01सर्विस सेक्टर निर्यात में पिछले 11 वर्षों में 158 अरब डॉलर से बढ़कर 418 अरब डॉलर हुआ।
- 02वर्तमान में भारत का सर्विस निर्यात वैश्विक स्तर पर 4.3% है, जिसे 2047 तक 10% करने का लक्ष्य है।
- 03सरकार ने केयर, आयुष, और मेडिकल टूरिज्म जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने की योजना बनाई है।
- 04भारत और ब्रिटेन के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते में 137 सर्विस सेक्टर शामिल हैं।
- 05न्यूजीलैंड के साथ व्यापार समझौते में 118 सर्विस सेक्टर शामिल हैं, जो इस साल लागू होगा।
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भारत का सर्विस सेक्टर निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में 418 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले 11 वर्षों में दोगुना से अधिक की वृद्धि दर्शाता है। इस दौरान, सर्विस निर्यात का हिस्सा कुल निर्यात में 33% से बढ़कर 50% के करीब पहुंच गया है। सरकार ने 2047 तक वैश्विक सर्विस निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 10% करने का लक्ष्य रखा है, जो वर्तमान में 4.3% है। इस वृद्धि का मुख्य कारण क्लाउड सर्विस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), और डिजिटल सेवाओं जैसे नए क्षेत्रों में इको सिस्टम का विकास है। भारत और ब्रिटेन के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते में 137 सर्विस सेक्टर शामिल हैं, जबकि न्यूजीलैंड के साथ व्यापार समझौते में 118 सर्विस सेक्टर शामिल किए गए हैं। ओमान के साथ भी व्यापार समझौता अगले महीने लागू होने की संभावना है, जिससे भारतीय पेशेवरों के लिए 127 सर्विस सेक्टर के दरवाजे खुलेंगे।
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सर्विस सेक्टर निर्यात की वृद्धि से भारत की जीडीपी में योगदान बढ़ेगा, जिससे आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
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