गोरखपुर में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन की शुरुआत, कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच अब मशीनों से
Gorakhpur News: ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन शुरू, अब मशीनों से होगी कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच

Image: Amar Ujala
गोरखपुर में एक नया ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) खोला गया है, जहां से कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच की जाएगी। यह सुविधा वाहन मालिकों को गीडा परिवहन कार्यालय जाने से मुक्त करेगी और जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाएगी।
- 01ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) भौवापार गांव में खोला गया है।
- 02फिटनेस जांच में ब्रेक, स्टीयरिंग, सस्पेंशन और प्रदूषण स्तर जैसी मानकों की मशीनों से जांच की जाएगी।
- 03जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी, और केवल मानकों पर खरे उतरने वाले वाहनों को प्रमाणपत्र मिलेगा।
- 04इस प्रणाली से मानवीय हस्तक्षेप कम होगा, जिससे जांच की गुणवत्ता में सुधार होगा।
- 05वाहन मालिकों का समय बचेगा और फिटनेस प्रमाणन प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय बनेगी।
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गोरखपुर जिले में व्यावसायिक वाहन संचालकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा शुरू की गई है। भौवापार गांव में स्थापित ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) से अब कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच की जाएगी। यह नई व्यवस्था बृहस्पतिवार से लागू हो गई है, जिससे वाहन मालिकों को गीडा स्थित संभागीय परिवहन कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। एआरटीओ प्रशासन, अरुण कुमार के अनुसार, इस अत्याधुनिक केंद्र में ब्रेक, स्टीयरिंग, सस्पेंशन और प्रदूषण स्तर जैसे विभिन्न मानकों की जांच मशीनों और कंप्यूटर आधारित प्रणाली से की जाएगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी, और केवल उन वाहनों को फिटनेस प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा जो निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं। ऑटोमेटेड व्यवस्था के लागू होने से मानवीय हस्तक्षेप कम होगा, जिससे जांच की गुणवत्ता में सुधार होगा और सड़क सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। इस नई प्रणाली से वाहन मालिकों का समय बचेगा और फिटनेस प्रमाणन प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय बनेगी।
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इस नई प्रणाली से गोरखपुर में व्यावसायिक वाहन संचालकों को सुविधा मिलेगी और सड़क सुरक्षा में सुधार होगा।
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