यूपी में AI एप से फेस पैरालिसिस के इलाज में नई दिशा
यूपी में अब AI एप से तय होगी फेस पैरालिसिस के इलाज की दिशा, घर बैठे कर सकेंगे रिकवरी ट्रैक
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Image: Jagran
उत्तर प्रदेश में फेस पैरालिसिस के इलाज के लिए एक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एप विकसित किया गया है। यह एप मरीज के चेहरे की गतिविधियों का विश्लेषण कर उपचार की दिशा और रिकवरी की संभावनाओं का सटीक आकलन करेगा।
- 01एसजीपीजीआई के हेड एंड नेक विभाग ने एक AI एप विकसित किया है जो चेहरे की गतिविधियों का विश्लेषण करता है।
- 02एप मरीज को घर बैठे अपनी रिकवरी की प्रगति ट्रैक करने की सुविधा देगा।
- 03यह तकनीक पारंपरिक निरीक्षण की तुलना में अधिक सटीक और डेटा आधारित है।
- 04मरीजों को अस्पताल जाने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे समय और पैसा बचेगा।
- 05यह एप IIT कानपुर के पूर्व छात्र नंदन मिश्रा की मदद से विकसित किया गया है।
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उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एसजीपीजीआई के हेड एंड नेक विभाग ने फेस पैरालिसिस के इलाज के लिए एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित एप विकसित किया है। यह एप मरीज के चेहरे की गतिविधियों का विश्लेषण करके बीमारी की गंभीरता, उपचार की प्रगति और रिकवरी की संभावना का सटीक आकलन करेगा। प्रो. अमित केशरी के अनुसार, यह तकनीक डॉक्टरों को सही उपचार दिशा तय करने में मदद करेगी। मरीज अब घर बैठे अपने चेहरे की गतिविधियों का वीडियो रिकॉर्ड कर एप के माध्यम से अपलोड कर सकते हैं। इससे डॉक्टर उनकी प्रगति का आकलन कर सकेंगे और आवश्यकतानुसार उपचार में बदलाव कर सकेंगे। यह तकनीक विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों के लिए फायदेमंद होगी, जो दूरदराज के स्थानों पर रहते हैं।
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यह तकनीक मरीजों को घर बैठे अपनी स्थिति की निगरानी करने की सुविधा प्रदान करेगी, जिससे उनका समय और पैसा बचेगा।
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