दिल्ली में गर्मी से बेघरों की मौतें बढ़ी, 157 लोगों ने गंवाई जान
भीषण गर्मी और प्रशासनिक लापरवाही... दिल्ली की सड़कों पर दम तोड़ रहे बेघर, 157 लोगों ने गंवाई जान

Image: Jagran
दिल्ली में मई महीने में 157 बेघरों की मौत हुई है, जो अत्यधिक गर्मी और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। सेंटर फार होलिस्टिक डेवलपमेंट ने स्वास्थ्य मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है।
- 01दिल्ली पुलिस के जिपनेट डाटा के अनुसार, उत्तर जिले में सबसे अधिक 31 बेघरों की मौतें हुईं।
- 02सीएचडी ने 17 से 26 मई के बीच फील्ड सर्वे किया, जिसमें 97% लोगों को चिकित्सा सहायता नहीं मिली।
- 0385% लोगों को हीटवेव अलर्ट की जानकारी नहीं थी, और केवल 20% लोग राहत शिविर तक पहुंच पाए।
- 0488% लोगों ने बताया कि गर्मी के दौरान कोई सरकारी राहत टीम उनके पास नहीं पहुंची।
- 05सीएचडी ने अस्थायी कूलिंग सेंटर और मेडिकल यूनिट की तत्काल आवश्यकता जताई।
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दिल्ली में मई महीने में 157 बेघरों की मौतें हुई हैं, जो अत्यधिक गर्मी और प्रशासनिक लापरवाही का संकेत हैं। सेंटर फार होलिस्टिक डेवलपमेंट (सीएचडी) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर इस स्थिति में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। सीएचडी के कार्यकारी निदेशक सुनील अलेड़िया ने बताया कि उत्तर जिले में सबसे अधिक 31 मौतें हुईं, जबकि अन्य क्षेत्रों में भी स्थिति गंभीर है। फील्ड सर्वे में यह भी सामने आया कि 97% बेघरों को चिकित्सा सहायता नहीं मिली और 85% को हीटवेव अलर्ट की जानकारी नहीं थी। राहत शिविरों की कमी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण बेघरों की स्थिति चिंताजनक है। सीएचडी ने तत्काल अस्थायी कूलिंग सेंटर, पेयजल और मोबाइल मेडिकल यूनिट की आवश्यकता जताई है। यदि समय रहते उपाय नहीं किए गए, तो गर्मी के दौरान हालात और बिगड़ सकते हैं।
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दिल्ली में बेघरों की बढ़ती मौतों से स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की कमी उजागर हुई है।
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