रामपुर की महिला ने बिना खर्च के बनाया देसी गोदाम, जानिए कैसे
बिना खर्च बना देसी गोदाम! रामपुर की महिला ने ऐसे बचाया सालभर का पशु चारा, जानिए एक्शन प्लान
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रामपुर के पटवाई इलाके की भूरी ने बिना खर्च के एक देसी गोदाम, जिसे 'बोंगा' कहा जाता है, बनाया है। यह गोदाम पशुओं के सालभर के चारे को सुरक्षित रखता है और इससे न केवल खर्च में बचत होती है, बल्कि अतिरिक्त भूसा बेचकर आय भी होती है।
- 01भूरी ने बिना खर्च के 'बोंगा' बनाया, जिससे सालभर का चारा सुरक्षित होता है।
- 02बोंगा में रखे भूसे को बारिश और नमी से बचाया जा सकता है।
- 03भूरी ने हर महीने चारे पर होने वाले खर्च में बचत की है।
- 04एक क्विंटल भूसा 500 से 1000 रुपये तक बिकता है, जिससे आय होती है।
- 05यह जुगाड़ पुरानी समझदारी का प्रतीक है, जो पीढ़ियों से चला आ रहा है।
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रामपुर के पटवाई इलाके की भूरी ने एक अनोखा देसी गोदाम 'बोंगा' बनाया है, जो बिना किसी खर्च के सालभर का पशु चारा सुरक्षित रखता है। इस गोदाम को बनाने के लिए भूरी ने खेत में गेहूं की कटाई के बाद बचे घास-फूस का इस्तेमाल किया। वह इसे गोल या ऊंचा ढेर बनाकर, ऊपर से पराली डालकर और रस्सी से बांधकर तैयार करती हैं। यह तकनीक बारिश और आंधी से भूसे को सुरक्षित रखती है, जिससे यह सालभर उपयोगी रहता है। पहले भूरी को हर महीने चारे पर पैसा खर्च करना पड़ता था, लेकिन अब वह अपने बनाए बोंगा से न केवल खर्च बचा रही हैं, बल्कि अतिरिक्त भूसा बेचकर आय भी कर रही हैं। एक क्विंटल भूसा 500 से 1000 रुपये तक बिकता है। यह जुगाड़ न केवल आर्थिक दृष्टि से फायदेमंद है, बल्कि यह एक पुरानी समझदारी का उदाहरण भी है, जो दिखाता है कि थोड़ी मेहनत और समझदारी से बिना खर्च के बड़े काम किए जा सकते हैं।
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भूरी का यह जुगाड़ गांव के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाता है, जिससे वे अपने पशुओं का ध्यान रख सकते हैं और अतिरिक्त आय भी कर सकते हैं।
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