ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ: पाकिस्तान में मची थी घबराहट
ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान में कैसे मची थी घबराहट? ऑस्ट्रिया के वॉर एक्सपर्ट ने बताया एक साल पहले क्या हुआ था
Ndtv
Image: Ndtv
भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत एक साल पहले पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया था, जिससे पाकिस्तान में घबराहट फैल गई। ऑस्ट्रियाई युद्ध विशेषज्ञ टॉम कूपर के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई ने पाकिस्तान के एयर डिफेंस को गंभीर नुकसान पहुँचाया और उसे अमेरिका की मदद मांगने पर मजबूर किया।
- 01ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया।
- 02भारत ने पाकिस्तान के एयर डिफेंस को गंभीर नुकसान पहुँचाया।
- 03पाकिस्तान में घबराहट फैल गई और उसने अमेरिका से मदद मांगी।
- 04पाकिस्तानी सेना का नागरिक सरकार पर अधिक प्रभाव है।
- 05ऑपरेशन के दौरान 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया।
Advertisement
In-Article Ad
भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ पर इसे एक निर्णायक सैन्य कार्रवाई बताया, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट करना था। ऑस्ट्रियाई युद्ध विशेषज्ञ टॉम कूपर ने कहा कि इस ऑपरेशन ने न केवल पाकिस्तान के जवाबी हमलों को रोका, बल्कि उसके एयर डिफेंस और एयरबेस को भी नुकसान पहुँचाया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान में घबराहट फैल गई थी, जिससे उसे अमेरिका की मदद मांगने की कोशिश करनी पड़ी। कूपर ने यह भी बताया कि पाकिस्तान की सेना नागरिक सरकार पर अधिक प्रभाव डालती है और आम लोगों की भलाई की अनदेखी करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेना अपनी शक्ति और परमाणु हथियारों के विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है। ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 को शुरू हुआ था, जिसमें भारतीय सेना ने 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया और पाकिस्तान के कई आतंकवादी लॉन्चपैड नष्ट किए। इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच चार दिन तक संघर्ष चला, जिसके बाद युद्धविराम पर सहमति बनी।
Advertisement
In-Article Ad
ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान के आतंकवादियों के खिलाफ भारत की सैन्य शक्ति को दर्शाया, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति प्रभावित हुई।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि भारत को पाकिस्तान के खिलाफ और अधिक सख्त कदम उठाने चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




