झारखंड में महिला आरक्षण पर सियासी हलचल: मरांडी ने विशेष सत्र की मांग की
महिला आरक्षण पर झारखंड में गरमाई सियासत: मरांडी ने की विशेष सत्र बुलाने की मांग, JMM ने किया पलटवार
Jagran-1777865487203.webp&w=1200&q=75)
Image: Jagran
झारखंड में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पास केवल राजनीतिक आरोपों के लिए समय नहीं है।
- 01बाबूलाल मरांडी ने विशेष सत्र बुलाने की मांग की है।
- 02नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित होंगी।
- 03झारखंड में लोकसभा सीटें 14 से बढ़कर 21 होंगी।
- 04झामुमो ने मरांडी के आरोपों का विरोध किया है।
- 05महिलाओं के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया गया है।
Advertisement
In-Article Ad
झारखंड में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी (भारतीय जनता पार्टी) ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (झारखंड मुक्ति मोर्चा) से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। इस अधिनियम के तहत देश की आधी आबादी के लिए लोकसभा और विधानसभा में 33% सीटें आरक्षित होंगी। झारखंड में लोकसभा सीटें 14 से बढ़कर 21 होंगी, जिसमें 7 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। विधानसभा की सीटें भी 81 से बढ़कर 121 हो जाएंगी। मरांडी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री से मिलने का समय नहीं मिला, जबकि झामुमो ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास निरर्थक सवालों के लिए समय नहीं है। झामुमो ने यह भी कहा कि विपक्ष महिलाओं के नाम पर राजनीति कर रहा है और उन्होंने नगर निकाय चुनावों में 33% आरक्षण लागू करने का उदाहरण दिया।
Advertisement
In-Article Ad
महिला आरक्षण लागू होने से झारखंड में महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलेगा, जिससे उनकी आवाज़ को मजबूती मिलेगी।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि महिला आरक्षण विधेयक को लागू करना आवश्यक है?
Connecting to poll...
More about झारखंड मुक्ति मोर्चा
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।

-1777863152405.webp&w=1200&q=75)


