पीली मटर के आयात में 50% की गिरावट, आयात शुल्क का असर
Yellow peas import: आयात शुल्क के डंडे से सुस्त पड़ा पीली मटर का आयात
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भारत में पीली मटर के आयात में 50% की गिरावट आई है, जो कि पिछले साल की तुलना में 10.58 लाख टन से घटकर 21.07 लाख टन रह गई है। इस गिरावट का मुख्य कारण केंद्र सरकार द्वारा 30% आयात शुल्क लगाना और घरेलू मटर की कीमतों का कम होना है।
- 01पीली मटर के आयात में 50% की गिरावट दर्ज की गई है।
- 02सरकार ने पिछले साल 30% आयात शुल्क लगाया था।
- 03आयातित पीली मटर की कीमत 4,200-4,300 रुपये प्रति क्विंटल है।
- 04घरेलू मटर की कीमत 4,000 रुपये प्रति क्विंटल से कम है।
- 05कमजोर रुपया और ऊंची परिवहन लागत भी आयात में कमी का कारण हैं।
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भारत में पीली मटर के आयात में 50% की गिरावट आई है, जो कि वर्ष 2025-26 के दौरान 10.58 लाख टन से घटकर 21.07 लाख टन रह गई है। यह गिरावट मुख्य रूप से केंद्र सरकार द्वारा पिछले साल नवंबर में लगाए गए 30% आयात शुल्क के कारण हुई है। आयातित पीली मटर की कीमतें 4,200 से 4,300 रुपये प्रति क्विंटल हैं, जबकि घरेलू मटर की कीमतें 4,000 रुपये प्रति क्विंटल से कम हैं। इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपये की 8-9% की कमजोरी और परिवहन लागत में वृद्धि ने भी आयात में कमी को बढ़ावा दिया है। दलहन उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार आयात शुल्क को हटाती है, तो आयात में कमी को दूर किया जा सकता है।
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पीली मटर के आयात में कमी से घरेलू किसानों को लाभ हो सकता है, लेकिन उपभोक्ताओं को महंगी मटर खरीदनी पड़ सकती है।
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