पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला: अवैध विवाह के लिए नहीं मिलेगा पत्नी या विधवा का दर्जा
हाईकोर्ट का अहम फैसला: पहली पत्नी के जीवित रहते विवाह करने वाली को न तो पत्नी का दर्जा और न विधवा का
Amar Ujala
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि केवल वैध पत्नी ही परिवारिक पेंशन की हकदार होती है। अवैध विवाह के तहत किसी महिला को पत्नी या विधवा का दर्जा नहीं मिलेगा, भले ही पहली पत्नी की मृत्यु हो जाए।
- 01पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अवैध विवाह पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।
- 02केवल वैध पत्नी को ही परिवारिक पेंशन का अधिकार है।
- 03दूसरी शादी यदि पहली शादी के दौरान हुई हो, तो वह अवैध मानी जाएगी।
- 04पहली पत्नी की मृत्यु के बाद भी अवैध विवाह को वैध नहीं माना जाएगा।
- 05कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए पेंशन का अधिकार वैध विवाह पर निर्भर बताया।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि केवल वैध पत्नी को ही परिवारिक पेंशन का अधिकार प्राप्त होता है। एक महिला ने एक मृत सेना अधिकारी की दूसरी पत्नी होने का दावा किया था, लेकिन कोर्ट ने कहा कि जब अधिकारी की पहली शादी वैध थी और पहली पत्नी जीवित थी, तब दूसरी शादी अवैध मानी जाएगी। जस्टिस संदीप मौदगिल ने स्पष्ट किया कि पेंशन का अधिकार मृत कर्मचारी की मृत्यु के समय की वैध वैवाहिक स्थिति पर निर्भर करता है। यदि पहली शादी के दौरान दूसरी शादी हुई है, तो वह कानूनन शून्य होती है और इससे महिला को पत्नी या विधवा का दर्जा नहीं मिलता। इस प्रकार, पहली पत्नी की मृत्यु के बाद भी पेंशन का अधिकार उत्पन्न नहीं हो सकता।
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यह फैसला उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है जो अवैध विवाह के आधार पर पेंशन का दावा कर रही थीं।
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