ईरान ने अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता पर स्पष्ट किया अपना रुख
ईरान ने अमेरिका के लिए खींच दी 'लक्ष्मण रेखा', इस्लामाबाद वार्ता से पहले ही किस मुद्दे पर टूट सकता है समझौता?
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ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का पाकिस्तान दौरा इस्लामाबाद में कूटनीतिक गतिविधियों को बढ़ा रहा है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर कोई समझौता नहीं करेगा, जिससे वार्ता की संभावनाएँ संदेह में हैं।
- 01ईरान ने परमाणु मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करने का स्पष्ट रुख अपनाया है।
- 02अब्बास अराघची का पाकिस्तान दौरा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए है।
- 03अमेरिका ने परमाणु वार्ता को प्रतिबंधों में कमी के लिए आवश्यक बताया है।
- 04ईरान के लिए परमाणु वार्ता एक 'रेड लाइन' है।
- 05यदि दोनों पक्ष अपने रुख में बदलाव नहीं करते हैं, तो वार्ता बेनतीजा रह सकती है।
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ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद का दौरा किया है। इस दौरे का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है, लेकिन ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर कोई समझौता नहीं करेगा। ईरान की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा है कि परमाणु वार्ता उनके लिए एक 'रेड लाइन' है और इस पर कोई चर्चा पाकिस्तान की धरती पर नहीं होगी। अमेरिकी प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया है कि जब तक परमाणु मुद्दे पर ठोस बातचीत नहीं होती, तब तक प्रतिबंधों में कमी नहीं आएगी। यदि ईरान अपने रुख में बदलाव नहीं करता है, तो यह वार्ता केवल औपचारिकता बनकर रह सकती है।
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यदि वार्ता सफल नहीं होती है, तो इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है और पाकिस्तान के साथ ईरान के संबंध प्रभावित हो सकते हैं।
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