अल-नीनो की चेतावनी: 2026 में भारत में गर्मी और सूखे का खतरा
अल-नीनो चौखट पर... भारत में पड़ेगी प्रचंड गर्मी, इन देशों में पड़ेगा सूखा
Aaj Tak
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वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि 2026 में अल-नीनो की एक शक्तिशाली घटना होने की संभावना है, जो भारत में गर्मी और सूखे का कारण बन सकती है। इस घटना का प्रभाव वैश्विक मौसम, कृषि और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, जिससे खाद्य सुरक्षा और जल संकट बढ़ सकते हैं।
- 012026 में अल-नीनो की घटना की 82 प्रतिशत संभावना है, जो 1877 के अल-नीनो से भी अधिक विनाशकारी हो सकती है।
- 02भारत में अल-नीनो का सबसे बड़ा प्रभाव मानसून पर पड़ेगा, जिससे कृषि उत्पादन में कमी और सूखा पड़ने की आशंका है।
- 03अल-नीनो के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर होगा, खासकर महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में।
- 04ग्लोबल वार्मिंग के कारण अल-नीनो की ताकत बढ़ने की संभावना है, जिससे स्वास्थ्य समस्याएं और जल संकट गहरा सकते हैं।
- 05वैज्ञानिकों का कहना है कि अल-नीनो की एक्सट्रीम ताकत अभी अनिश्चित है, लेकिन इसके प्रभाव को कम करने के लिए तैयारी आवश्यक है।
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वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि 2026 में अल-नीनो की एक अत्यधिक शक्तिशाली घटना होने की संभावना है, जो वैश्विक मौसम पैटर्न को प्रभावित करेगी। NOAA के अनुसार, इस घटना की 82 प्रतिशत संभावना है कि यह मई से जुलाई 2026 के बीच होगी, और दिसंबर तक यह 96 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। अल-नीनो का प्रभाव भारत में विशेष रूप से मानसून पर पड़ेगा, जिससे कई राज्यों में बारिश में कमी और सूखा पड़ने की आशंका है। इससे कृषि उत्पादन, विशेषकर चावल और गेहूं, पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा, जल संकट और स्वास्थ्य समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण अल-नीनो की ताकत और बढ़ सकती है, जिससे खाद्य सुरक्षा को खतरा हो सकता है। यदि समय रहते तैयारी नहीं की गई, तो यह घटना गंभीर परिणाम ला सकती है।
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अल-नीनो के कारण भारत में मानसून कमजोर होने से कृषि उत्पादन में कमी और सूखा पड़ने की आशंका है, जिससे खाद्य कीमतें बढ़ सकती हैं।
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