लखीमपुर के खुशीपुर गांव में दुर्लभ चंद्रनाग सांप का रेस्क्यू
लखीमपुर के खुशीपुर गांव में दिखा दुलर्भ सांप चंद्रनाग, ग्रामीणों की मदद से एनजीओ को पकड़ कर जंगल में छोड़ा
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Image: Jagran
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले के खुशीपुर गांव में ग्रामीणों ने दुर्लभ चंद्रनाग सांप को देखा और वन्य जीव सेवा मानव सेवा संस्था की मदद से उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। यह सांप बेहद जहरीला है और आमतौर पर अंधेरे में निकलता है।
- 01चंद्रनाग सांप का वैज्ञानिक नाम मूनकोलेड कोबरा है, जो बहुत कम दिखाई देता है।
- 02सांप को पकड़ने के लिए राम गोविंद और उनकी रेस्क्यू टीम ने गांव में पहुंचकर कार्रवाई की।
- 03सांप को सुरक्षित रूप से दुधवा के जंगल में छोड़ा गया।
- 04ग्रामीणों को सांप के विषैले होने और इसे मारने से बचने के लिए जागरूक किया गया।
- 05यह सांप मुख्यतः कीड़े-मकोड़ों का शिकार करता है और अंधेरे में सक्रिय रहता है।
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उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले के खुशीपुर गांव में सोमवार को ग्रामीणों ने एक दुर्लभ चंद्रनाग सांप देखा। यह सांप, जिसका वैज्ञानिक नाम मूनकोलेड कोबरा है, बेहद जहरीला होता है और आमतौर पर अंधेरे में निकलता है। सांप के दर्शन से ग्रामीण डर गए और उन्होंने वन्य जीव सेवा मानव सेवा संस्था के प्रभारी राम गोविंद को सूचित किया। राम गोविंद अपनी रेस्क्यू टीम के साथ गांव पहुंचे और सांप को अरुण कुमार के घर के पास से पकड़कर सुरक्षित नहर किनारे दुधवा के जंगल में छोड़ दिया। राम गोविंद ने ग्रामीणों को इस सांप के बारे में जानकारी दी और बताया कि इसे कभी नहीं मारना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने यह भी सलाह दी कि अगर किसी को सांप काट ले तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए और झाड़-फूंक के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। इस प्रकार, ग्रामीणों ने अपने पर्यावरण के प्रति जागरूकता दिखाई और सांप को सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में वापस भेजा।
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इस घटना ने ग्रामीणों को अपने पर्यावरण और वन्य जीवों के प्रति जागरूक किया है।
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