पश्चिम एशिया संकट के बावजूद भारत में जीएसटी संग्रह और ऑटोमोबाइल बिक्री में वृद्धि
पश्चिम एशिया संकट से घरेलू खपत प्रभावित नहीं, GST कलेक्शन और ऑटमोबाइल बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर
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पश्चिम एशिया संकट के बावजूद भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। अप्रैल 2026-27 में जीएसटी संग्रह 2.42 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 8.7 प्रतिशत अधिक है। ऑटोमोबाइल बिक्री में भी वृद्धि देखी गई है, जिसमें मारुति सुजुकी ने 2,39,646 यूनिट की बिक्री की।
- 01अप्रैल में जीएसटी संग्रह 2.42 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल से 8.7 प्रतिशत अधिक है।
- 02मारुति सुजुकी ने अप्रैल में 2,39,646 यूनिट की बिक्री की, जो पिछले साल की तुलना में 33 प्रतिशत अधिक है।
- 03हीरो मोटोकार्प ने 552,713 यूनिट की बिक्री की, जो पिछले साल के मुकाबले 8 प्रतिशत अधिक है।
- 04आयातित माल से जीएसटी संग्रह में वृद्धि हुई है, लेकिन घरेलू बिक्री भी बढ़ रही है।
- 05इकोनामिक ट्रांजेक्शन में वृद्धि का मतलब है कि घरेलू खपत में मजबूती है।
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पश्चिम एशिया संकट के बावजूद भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था में मजबूती बनी हुई है। वित्त वर्ष 2026-27 के पहले महीने अप्रैल में, जीएसटी संग्रह ने 2.42 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बनाया, जो पिछले साल के 2.23 लाख करोड़ रुपये से 8.7 प्रतिशत अधिक है। ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भी वृद्धि देखी गई है, जहां मारुति सुजुकी ने 2,39,646 यूनिट की मासिक बिक्री की, जो पिछले साल की तुलना में 33 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह, हीरो मोटोकार्प ने 552,713 यूनिट की बिक्री की, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 8 प्रतिशत अधिक है। विशेषज्ञों का कहना है कि जीएसटी संग्रह घरेलू बिक्री से जुड़ा है, जो बढ़ती हुई आर्थिक गतिविधियों का संकेत है। हालांकि, आयातित माल से मिलने वाले जीएसटी संग्रह में वृद्धि भी देखी गई है, जो रुपये के मूल्य में गिरावट के कारण है। पिछले साल सितंबर में जीएसटी दरों में बदलाव के प्रभाव भी अब स्पष्ट हो रहे हैं, जिससे घरेलू बिक्री में वृद्धि हो रही है।
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यह वृद्धि घरेलू खपत और आर्थिक गतिविधियों में सुधार को दर्शाती है, जो उपभोक्ताओं और व्यापारियों के लिए सकारात्मक संकेत है।
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