भारत-ब्रिटेन व्यापार को बढ़ावा देने के लिए CETA पर चर्चा
भारत-ब्रिटेन व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार, CETA के जरिए निवेश बढ़ाने पर हुई बड़ी चर्चा
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भारत और ब्रिटेन ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक वर्चुअल बैठक की, जिसमें व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) के तहत अवसरों का लाभ उठाने पर चर्चा हुई। CETA का लक्ष्य 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को 56 अरब अमेरिकी डॉलर तक दोगुना करना है।
- 01भारत और ब्रिटेन के बीच CETA पर चर्चा हुई।
- 02CETA के तहत 99% भारतीय निर्यात ब्रिटेन में शून्य शुल्क पर प्रवेश करेगा।
- 03CETA का लक्ष्य 2030 तक व्यापार को 56 अरब अमेरिकी डॉलर तक दोगुना करना है।
- 04भारत-यूएई व्यापार 100 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है।
- 05यूएई के साथ समझौता नए बाजारों के लिए द्वार खोल रहा है।
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भारत और ब्रिटेन ने शुक्रवार को द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक वर्चुअल बैठक की। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के व्यापार और वाणिज्य राज्य सचिव पीटर काइल ने भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) के तहत अवसरों का लाभ उठाने पर चर्चा की। CETA के तहत, 99 प्रतिशत भारतीय निर्यात ब्रिटेन में शून्य शुल्क पर प्रवेश करेगा, जबकि ब्रिटिश उत्पादों पर भारत में शुल्क कम किया जाएगा। CETA का लक्ष्य 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को 56 अरब अमेरिकी डॉलर तक दोगुना करना है। इसके अतिरिक्त, गोयल ने बताया कि भारत-यूएई मुक्त व्यापार समझौते के माध्यम से द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है। यह समझौता अफ्रीका और मध्य पूर्व के देशों के लिए भी प्रवेश द्वार का काम कर रहा है।
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CETA के माध्यम से भारतीय निर्यातकों को ब्रिटेन में अधिक अवसर मिलेंगे, जिससे व्यापार में वृद्धि होगी।
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