भारत में शिक्षकों के 10 लाख पद खाली, वित्तीय मदद में कटौती की चेतावनी
देशभर में शिक्षकों के करीब 10 लाख पद खाली, शिक्षा मंत्रालय और संसदीय समिति के निर्देश के बावजूद नहीं हो रही भर्ती
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भारत में स्कूलों में शिक्षकों के लगभग 10 लाख पद खाली हैं, जिसमें प्राथमिक स्तर के 7.5 लाख पद शामिल हैं। शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों को वित्तीय मदद में कटौती की चेतावनी दी है यदि वे रिक्त पदों को भरने में विफल रहते हैं। यह कदम संसदीय समिति की सिफारिश पर उठाया गया है।
- 01भारत में शिक्षकों के करीब 10 लाख पद खाली हैं।
- 02प्राथमिक स्तर पर 7.5 लाख पद रिक्त हैं।
- 03संसदीय समिति ने राज्यों को वित्तीय मदद में कटौती की सिफारिश की है।
- 04राज्य हर साल केंद्र से वित्तीय मदद ले रहे हैं, फिर भी पद खाली हैं।
- 05केंद्र सरकार ने समग्र शिक्षा के तहत 41,249 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।
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भारत में स्कूलों में शिक्षकों के लगभग 10 लाख पद खाली हैं, जिनमें से 7.5 लाख प्राथमिक स्तर पर हैं। शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों को चेतावनी दी है कि यदि वे इन रिक्त पदों को नहीं भरते हैं, तो उन्हें समग्र शिक्षा के तहत दी जाने वाली वित्तीय मदद में कटौती का सामना करना पड़ सकता है। संसदीय समिति ने इस मुद्दे पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और राज्यों को समयबद्ध तरीके से शिक्षकों के पद भरने की सिफारिश की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय को समग्र शिक्षा के लिए 41,249 करोड़ रुपए आवंटित किए थे, जिसका उपयोग स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए किया जाना है। हालांकि, अधिकांश राज्यों का रवैया इस मामले में लचर बना हुआ है, जिससे शिक्षा प्रणाली पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
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यदि राज्यों ने शिक्षकों के पद नहीं भरे, तो उन्हें केंद्र से मिलने वाली वित्तीय मदद में कटौती का सामना करना पड़ेगा, जिससे शिक्षा प्रणाली पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
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