भारत की तेल खरीद रणनीति में बदलाव: वेनेजुएला और ब्राजील से बढ़ी आपूर्ति
पश्चिम एशिया संकट का असर: भारत ने बदली तेल खरीद रणनीति, वेनेजुएला-ब्राजील से बढ़ी सप्लाई
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पश्चिम एशिया में संकट के चलते भारत ने कच्चे तेल की खरीद में बदलाव किया है। अब वेनेजुएला और ब्राजील भारत के प्रमुख आपूर्तिकर्ता बन गए हैं, जबकि इराक से आपूर्ति शून्य हो गई है। यह बदलाव होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के कारण हुआ है।
- 01भारत ने इराक से कच्चे तेल की खरीद को शून्य किया।
- 02वेनेजुएला और ब्राजील अब भारत के शीर्ष आपूर्तिकर्ता हैं।
- 03अप्रैल में भारत का कुल कच्चा तेल आयात 44.3 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया।
- 04सऊदी अरब और यूएई से आपूर्ति स्थिर रही।
- 05रूस से भारत का तेल आयात 17 लाख बैरल प्रतिदिन रहा।
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पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण भारत ने कच्चे तेल की खरीद रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अप्रैल में, वेनेजुएला और ब्राजील भारत के शीर्ष पांच आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हो गए, जबकि इराक से कच्चे तेल की खरीद शून्य हो गई। यह बदलाव होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के कारण हुआ है, जो वैश्विक कच्चे तेल के 20 प्रतिशत का परिवहन करता है। भारतीय रिफाइनर अब वैश्विक बाजार में वैकल्पिक स्रोतों की तलाश कर रहे हैं। अप्रैल में, वेनेजुएला ने भारत को 2,98,000 बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल आपूर्ति की, जबकि ब्राजील से यह मात्रा 2,75,000 बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गई। सऊदी अरब और यूएई से भी कच्चे तेल की आपूर्ति स्थिर रही, जबकि रूस से भारत का आयात 17 लाख बैरल प्रतिदिन रहा। इस स्थिति ने भारत के कच्चे तेल आयात को प्रभावित किया है, जो अप्रैल में 44.3 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया।
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भारत की तेल खरीद रणनीति में बदलाव से घरेलू बाजार में तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है।
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