बीएसई स्मॉल और मिडकैप इंडेक्स में 12 साल की सबसे बड़ी मासिक बढ़त
बीएसई स्मॉल-मिडकैप में जोरदार उछाल, 12 साल की सबसे बड़ी मासिक बढ़त की ओर
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बीएसई स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स ने अप्रैल 2026 में क्रमशः 20.1% और 14.8% की बढ़त दर्ज की, जो पिछले 12 वर्षों में सबसे बड़ी मासिक वृद्धि है। यह वृद्धि मार्च तिमाही की स्थिर कमाई और खुदरा निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के कारण हुई है।
- 01बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स में 20.1% और मिडकैप में 14.8% की वृद्धि हुई।
- 02बीएसई सेंसेक्स में 7.7% की बढ़ोतरी हुई।
- 03मार्च 2026 की तिमाही में स्थिर कमाई की उम्मीद ने निवेशकों को आकर्षित किया।
- 04कच्चे तेल की कीमतें और रुपया बाजार के लिए महत्वपूर्ण कारक बने हुए हैं।
- 05विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी 22,000 से 25,000 के दायरे में रहेगा।
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बीएसई स्मॉल और मिडकैप इंडेक्स ने अप्रैल 2026 में क्रमशः 20.1% और 14.8% की वृद्धि दर्ज की, जो पिछले 12 वर्षों में सबसे बड़ी मासिक बढ़त है। इस दौरान बीएसई सेंसेक्स में 7.7% की बढ़ोतरी हुई। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार गौरांग शाह के अनुसार, हालिया तेजी के पीछे कई कारण हैं, जिनमें मार्च 2026 तिमाही की स्थिर कमाई की उम्मीद और प्राथमिक बाजारों में निवेश के अवसरों की कमी शामिल है। उन्होंने कहा कि स्मॉल-कैप और मिड-कैप के लिए 2025 अच्छा नहीं रहा, जिससे कई शेयरों के मूल्यांकन आकर्षक हो गए। विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी का समर्थन स्तर 23,800 है, और यदि यह स्तर टूटता है, तो बाजार 23,600-23,400 के स्तर की ओर जा सकता है। कच्चे तेल की कीमतें 125 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुकी हैं, जो युद्ध से पहले के स्तरों से 79% अधिक है। यह स्थिति रुपये पर भी दबाव डाल रही है।
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बाजार में तेजी से निवेशकों को लाभ हो सकता है, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और रुपये की स्थिति निवेशकों के लिए चिंता का विषय हैं।
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