अप्रैल में खुदरा महंगाई 3.48% पर पहुंची, खाद्य कीमतों में वृद्धि का असर
महंगाई की डबल मार! अप्रैल में 3.48% पर पहुंची खुदरा महंगाई, खाने-पीने की चीजों ने बिगाड़ा बजट
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भारत में अप्रैल 2023 में खुदरा महंगाई 3.48% पर पहुंच गई, जो मार्च में 3.4% थी। यह वृद्धि मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी और कीमती धातुओं की लागत में वृद्धि के कारण हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों का उपभोक्ताओं पर सीमित प्रभाव रहा है।
- 01अप्रैल में खुदरा महंगाई 3.48% पर पहुंची, जो मार्च में 3.4% थी।
- 02खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि ने महंगाई को प्रभावित किया।
- 03ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महंगाई दर में वृद्धि हुई।
- 04विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों का सीधा असर सीमित रहा।
- 05भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 27 के लिए महंगाई का अनुमान 4.6% रखा है।
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भारत की खुदरा महंगाई अप्रैल 2023 में 3.48% पर पहुंच गई, जो मार्च में 3.4% थी। यह वृद्धि मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी और कीमती धातुओं की लागत में वृद्धि के कारण हुई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में वैश्विक ईंधन आपूर्ति बाधित हुई, जिससे कीमतों में उछाल आया। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महंगाई दर में वृद्धि हुई है, जहां ग्रामीण महंगाई 3.74% और शहरी महंगाई 3.16% पर पहुंच गई। कुछ खाद्य वस्तुओं जैसे नारियल, टमाटर, और फूलगोभी की कीमतों में वृद्धि ने इस महंगाई को बढ़ाया। हालांकि, प्याज और आलू जैसी कुछ वस्तुओं में अपस्फीति देखी गई। भारतीय रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक में वित्त वर्ष 27 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की महंगाई 4.6% होने का अनुमान जताया है।
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महंगाई में वृद्धि से उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों के लिए अधिक भुगतान करना पड़ सकता है, जिससे उनके बजट पर दबाव बढ़ेगा।
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