रुपये में ऐतिहासिक गिरावट, डॉलर 95.75 के पार
रुपये में एतिहासिक गिरावट! पहली बार 95.75 के पार पहुंचा डॉलर, आम आदमी पर बढ़ेगा महंगाई का बोझ
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रुपये की कीमत आज डॉलर के मुकाबले 95.75 तक गिर गई, जो कि एक ऐतिहासिक निचला स्तर है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने रुपये को कमजोर किया है। इससे आम आदमी पर महंगाई का बोझ बढ़ सकता है।
- 01रुपये की कीमत 95.75 प्रति डॉलर तक पहुंची, जो एक नया रिकॉर्ड है।
- 02बेंचमार्क निफ्टी और सेंसेक्स में क्रमशः 1.83% और 1.92% की गिरावट आई।
- 03इस साल रुपये में 6.02% की गिरावट आई है, जो एशियाई मुद्राओं में सबसे खराब प्रदर्शन है।
- 04कच्चे तेल की कीमतें लगभग 107 डॉलर प्रति बैरल पर हैं, जिससे भारत की चिंता बढ़ गई है।
- 05भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपये को स्थिर करने के लिए बाजार में दखल दिया।
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आज रुपये की कीमत डॉलर के मुकाबले 95.75 तक गिर गई, जो कि एक ऐतिहासिक निचला स्तर है। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बिकवाली ने रुपये को कमजोर किया है। कारोबार के अंत में रुपये की कीमत 95.63 पर बंद हुई, जबकि सोमवार को यह 95.31 पर थी। शेयर बाजार में भी गिरावट आई, जिसमें बेंचमार्क निफ्टी 1.83% और सेंसेक्स 1.92% गिरकर क्रमशः 23,380 और 74,559 पर बंद हुए। इस साल रुपये में 6.02% की गिरावट आई है, जो एशियाई मुद्राओं में सबसे खराब प्रदर्शन है। भारतीय रिजर्व बैंक ने शुरुआती कारोबार में 95.50 के स्तर पर सरकारी बैंकों के माध्यम से डॉलर की बिकवाली की, लेकिन बाद में वह पीछे हट गया। यदि कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो रुपये पर और दबाव पड़ सकता है।
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रुपये की गिरावट से आम आदमी के लिए महंगाई बढ़ सकती है, खासकर ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में।
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