गोगुण्डा गांव में स्वास्थ्य सेवाओं का नया अध्याय
दहशत का अंधेरा हटा, तो गोगुण्डा के ग्रामीणों को मिली स्वास्थ्य की रोशनी

Image: Globalherald
सुकमा जिले के गोगुण्डा गांव में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है, जहां 10 मोतियाबिंद मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया। यह पहल ग्रामीणों को नई दृष्टि देने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बढ़ाने का कार्य कर रही है।
- 01गोगुण्डा गांव में 10 मोतियाबिंद मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया।
- 02स्वास्थ्य विभाग की टीमें दुर्गम गांवों में जाकर मरीजों की पहचान कर रही हैं।
- 03मरीजों को विशेष वाहनों से जिला चिकित्सालय लाया जाता है और निःशुल्क इलाज किया जाता है।
- 04स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस पहल को सुकमा की बदलती तस्वीर बताया।
- 05ग्रामीणों को इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ रहा है।
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सुकमा जिले के गोगुण्डा गांव में स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है, जहां 10 मोतियाबिंद मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया। यह पहल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब दुर्गम गांवों में जाकर घर-घर सर्वे कर रही हैं, जिससे मोतियाबिंद के मरीजों की पहचान की जा रही है। मरीजों को विशेष वाहनों के माध्यम से जिला चिकित्सालय लाया जाता है, जहां उनका निःशुल्क इलाज किया जाता है। ऑपरेशन के बाद मरीजों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाता है और स्वस्थ होने पर उन्हें घर भेजा जाता है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल इलाज प्रदान करना है, बल्कि ग्रामीणों के सम्मान और आत्मीयता का भी ध्यान रखना है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह पहल सुकमा की बदलती तस्वीर को दर्शाती है, जहां अब स्वास्थ्य सेवाएं सीधे गांवों तक पहुँच रही हैं।
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गोगुण्डा गांव में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार ग्रामीणों के लिए राहत का कार्य कर रहा है।
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