बंगाल चुनाव में दिग्गज नेताओं की हार ने बढ़ाई भाजपा की उम्मीदें
बंगाल: अपनों के बीच ही 'बेगाने' हुए दिग्गज, कई हेवीवेट नेता अपने ही पोलिंग बूथ पर हारे
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Image: Jagran
पश्चिम बंगाल के हालिया विधानसभा चुनावों में कई प्रमुख नेता अपने ही पोलिंग बूथ पर हार गए, जिसमें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कई शीर्ष नेता शामिल हैं। यह स्थिति टीएमसी के लिए चिंता का विषय है, जबकि भाजपा के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है।
- 01टीएमसी के पूर्व मंत्री उदयन गुह अपने पोलिंग बूथ पर हार गए।
- 02एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता स्वप्ना बर्मन भी अपने बूथ पर हार गईं।
- 03कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने अपनी सीट तो जीती, लेकिन अपने बूथ पर भाजपा को बढ़त दी।
- 04कांग्रेस नेता मौसम बेनजीर नूर भी अपने गृह बूथ पर हार गईं।
- 05भवानीपुर में ममता बनर्जी को भी हार का सामना करना पड़ा।
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पश्चिम बंगाल के हालिया विधानसभा चुनावों में कई प्रमुख नेता अपने ही पोलिंग बूथों पर हार गए, जो राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कई दिग्गज, जैसे कि पूर्व मंत्री उदयन गुह और एथलीट स्वप्ना बर्मन, अपने बूथों पर मतदाताओं का विश्वास जीतने में असफल रहे। इसी प्रकार, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने अपनी सीट तो जीती, लेकिन अपने बूथ पर भाजपा को बढ़त दी। कांग्रेस की नेता मौसम बेनजीर नूर और कई अन्य नेता भी अपने-अपने बूथों पर हार गए। यह स्थिति टीएमसी के लिए चिंता का विषय है, जबकि भाजपा के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है, खासकर आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले। दिग्गज नेताओं की इस हार ने भाजपा की स्थिति को मजबूत किया है और टीएमसी को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है।
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यह स्थिति आगामी नगर निकाय चुनावों में टीएमसी की संभावनाओं को प्रभावित कर सकती है, जिससे स्थानीय मतदाता और राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
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