सौरव गांगुली ने बंगाल विवाद पर उठाए सवाल, कहा- 'अफवाहें फैलाई जा रहीं'
बंगाल विवाद पर सौरव गांगुली का बयान, बोले- ‘अफवाहें फैलाई जा रहीं’

Image: Globalherald
सौरव गांगुली ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में चल रही चर्चाओं को खारिज किया है, जिसमें उन पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दूत के रूप में काम करने का आरोप लगाया गया था। उन्होंने इसे अफवाह बताया और मीडिया से अपील की कि ऐसी बातों पर ध्यान न दें।
- 01सौरव गांगुली ने ममता बनर्जी के दूत के रूप में काम करने के आरोपों को खारिज किया।
- 02यूसुफ पठान ने इस्तीफे की बात से इनकार किया है।
- 03बहरामपुर सीट मुस्लिम बहुल है और TMC का गढ़ माना जाता है।
- 04ममता बनर्जी ने पार्टी में आंतरिक बगावत को रोकने के लिए संगठन में बड़े बदलाव किए हैं।
- 05अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है।
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में सौरव गांगुली ने हाल ही में उठे विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दूत के रूप में काम किया है और बहरामपुर के सांसद यूसुफ पठान से संपर्क साधा है। गांगुली ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ये सब अफवाहें हैं और मीडिया से अपील की कि वे इस तरह की बातों को न बढ़ाएं। यूसुफ पठान ने भी इस्तीफे की बात से साफ इनकार किया है। इस बीच, ममता बनर्जी ने पार्टी के भीतर आंतरिक बगावत को खत्म करने के लिए संगठन में बड़े बदलाव किए हैं, जिसमें अभिषेक बनर्जी की एकल नेतृत्व की भूमिका को खत्म कर दिया गया है। अब तीन राष्ट्रीय महासचिव मिलकर काम करेंगे। यह बदलाव ममता बनर्जी के नेतृत्व को मजबूत करने के लिए उठाया गया कदम है।
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में सौरव गांगुली के बयान और ममता बनर्जी के संगठनात्मक बदलावों का सीधा असर पार्टी की आंतरिक स्थिति और आगामी चुनावों पर पड़ेगा।
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