टीएमसी में बगावत: ममता बनर्जी की बैठक में सांसदों और विधायकों की अनुपस्थिति
ममता के बुलाने पर नहीं आ रहे सांसद, विधायक! क्या बड़ी हो गई है TMC की बगावत? किसके इशारे पर चल रहे हैं लीडर

Image: Zee News
पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में बगावत के चलते ममता बनर्जी की महत्वपूर्ण बैठक में केवल 14 विधायक और सांसद पहुंचे। ऋतब्रत बनर्जी ने पार्टी में अपनी स्थिति मजबूत की है और 20 से अधिक टीएमसी विधायक भाजपा के संपर्क में हैं।
- 01ममता बनर्जी की बैठक में केवल 14 विधायक और सांसद शामिल हुए, जबकि कुल 28 लोकसभा सांसद हैं।
- 02ऋतब्रत बनर्जी को विधायक दल का नेता चुना गया और उन्हें नेता विपक्ष का दर्जा मिला।
- 03बागी विधायक ऋतब्रत ने दावा किया कि उनके समर्थन में विधायकों की संख्या बढ़ रही है।
- 04कम से कम 20 टीएमसी विधायक भाजपा से संपर्क में हैं, जिससे पार्टी में और बगावत की संभावना है।
- 05ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी को सलाहकार बनने का प्रस्ताव रखा, लेकिन इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
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पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में पिछले विधानसभा चुनावों के बाद से बगावत की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ममता बनर्जी ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई, जिसमें केवल 14 विधायकों और सांसदों ने भाग लिया। इस बैठक में 28 लोकसभा सांसदों में से केवल 4 और 13 राज्यसभा सांसदों में से 2 ही शामिल हुए। टीएमसी के बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी ने पार्टी में अपनी स्थिति को मजबूत किया है और उन्हें विधायक दल का नेता और नेता विपक्ष का दर्जा मिला है। उन्होंने दावा किया है कि उनके समर्थन में विधायकों की संख्या बढ़ रही है और कम से कम 20 टीएमसी विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। यह बगावत तब शुरू हुई जब ममता बनर्जी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण कुछ विधायकों को पार्टी से निकाला। ऋतब्रत ने ममता से सलाहकार बनने का अनुरोध किया है, लेकिन इस पर ममता की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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टीएमसी के भीतर बगावत के चलते पार्टी की एकता और नेतृत्व पर सवाल उठ रहे हैं, जो आगामी चुनावों में प्रभाव डाल सकता है।
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