ओवैसी ने पश्चिम बंगाल सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर उठाए सवाल
जैसे प्रिंस सुवेंदु का निजी दान हो...बंगाल सरकार पर बरसे ओवैसी, स्कीम पर उठाए सवाल

Image: Zee News
असदुद्दीन ओवैसी ने पश्चिम बंगाल सरकार पर आरोप लगाया कि वह कल्याणकारी योजनाओं के लाभ को वोटर लिस्ट से जोड़ रही है, जिससे कई असली मतदाता वंचित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया SCs और मुसलमानों के लिए समस्याएं पैदा कर रही है।
- 01ओवैसी ने कहा कि असली मतदाताओं को PDS राशन नहीं मिल रहा।
- 02वोटर लिस्ट को लाभ के लिए आवश्यक मानने पर सवाल उठाए।
- 03सरकार के कल्याणकारी योजनाओं को प्रिंस सुवेंदु की निजी दान के रूप में देखा।
- 04टीएमसी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए।
- 05सरकार की नीतियों से SCs और मुसलमानों की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
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असदुद्दीन ओवैसी, जो ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष हैं, ने पश्चिम बंगाल सरकार पर आरोप लगाया है कि वह कल्याणकारी योजनाओं के लाभ को वोटर लिस्ट से जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि कई असली मतदाता, जिनका नाम स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान हटा दिया गया था, PDS राशन से वंचित हैं। ओवैसी ने सवाल किया कि राशन और कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच का निर्भर होना वोटर लिस्ट पर क्यों है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी योजनाएं सभी जरूरतमंद नागरिकों के लिए हैं, न कि किसी विशेष समूह के लिए। इसके अलावा, उन्होंने पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष के आरोपों का भी जिक्र किया, जिन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। घोष ने कहा कि TMC ने केंद्रीय और राज्य कल्याणकारी योजनाओं के फंड को लूटकर अपने लिए धन इकट्ठा किया है।
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सरकार की नीतियों से कई नागरिक, विशेषकर SCs और मुसलमान, कल्याणकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं।
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