असम में समान नागरिक संहिता (UCC) का पारित होना: लव जिहाद और बहुविवाह पर रोक
असम में अब लव जिहाद पर टोटल ब्रेक, CM हिमंत बिस्वा सरमा ने विधानसभा में पास कराया UCC बिल

Image: News 18 Hindi
असम विधानसभा ने समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को पारित किया है, जिससे लव जिहाद और बहुविवाह पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य होगा। यह असम को UCC लागू करने वाला तीसरा राज्य बनाता है।
- 01असम UCC विधेयक को पारित करने वाला तीसरा राज्य बना, पहले उत्तराखंड और गुजरात।
- 02बहुविवाह पर पूर्ण प्रतिबंध, उल्लंघन पर अधिकतम 7 साल की जेल।
- 03लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य, न करने पर 3 महीने की जेल।
- 04अनुसूचित जनजातियों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है।
- 05विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया और राजनीतिक लाभ का आरोप लगाया।
Advertisement
In-Article Ad
असम विधानसभा ने समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को मंजूरी दी है, जिसके तहत लव जिहाद और बहुविवाह पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। यह विधेयक असम को UCC लागू करने वाला तीसरा राज्य बनाता है, जिसमें लिव-इन रिलेशनशिप का अनिवार्य पंजीकरण भी शामिल है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे महिलाओं के सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। नए कानून के तहत बहुविवाह पर 7 साल की जेल और लिव-इन पंजीकरण न कराने पर 3 महीने की जेल की सजा का प्रावधान है। हालांकि, अनुसूचित जनजातियों को इस कानून से बाहर रखा गया है, जिससे इसकी समानता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ और राजनीतिक लाभ के लिए लाया गया कदम बताया है।
Advertisement
In-Article Ad
इस कानून से महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी और पारिवारिक मामलों में समानता सुनिश्चित होगी।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
आप असम में समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने के बारे में क्या सोचते हैं?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।





