भारतीय सेना का ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद के खिलाफ नई शुरुआत
ऑपरेशन सिंदूर तो सिर्फ शुरुआत है, पढ़िए आतंक के खिलाफ भारतीय सेना का प्लान
Ndtv
Image: Ndtv
भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर यह स्पष्ट किया कि आतंकवाद के लिए अब कोई सुरक्षित स्थान नहीं है। इस अभियान ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए तीनों सेनाओं के संयुक्त प्रयास को दर्शाया। यह अभियान आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ता का प्रतीक है।
- 01ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य पाकिस्तान में आतंकवाद के ठिकानों को निशाना बनाना था।
- 02यह अभियान तीनों सेनाओं का संयुक्त ऑपरेशन था, जिसमें 9 सटीक हवाई हमले किए गए।
- 03भारतीय सेना ने पाकिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ अपनी रणनीतिक क्षमता को प्रदर्शित किया।
- 04ऑपरेशन के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा, लेकिन सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत से स्थिति नियंत्रित हुई।
- 05लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने इसे आतंकवाद के खिलाफ लंबी लड़ाई की शुरुआत बताया।
Advertisement
In-Article Ad
भारतीय सेना ने पहलगाम हमले के बाद 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान में आतंकवाद के ठिकानों को नष्ट करना था। इस ऑपरेशन की पहली वर्षगांठ पर लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि यह अभियान केवल एक शुरुआत है और अब आतंकवाद के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं है। ऑपरेशन में तीनों सेनाओं ने मिलकर कार्य किया, जिसमें कुल 9 'स्टैंडऑफ प्रिसिजन स्ट्राइक' की गईं। इनमें से 7 भारतीय सेना और 2 भारतीय वायु सेना द्वारा की गईं। इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को गंभीर नुकसान पहुंचाया और यह संदेश दिया कि अब कोई भी ठिकाना सुरक्षित नहीं है। भारतीय सेना ने अपनी रणनीतिक क्षमता को प्रदर्शित करते हुए यह सुनिश्चित किया कि नियंत्रण रेखा पर स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। हालांकि, पाकिस्तान ने जवाबी हमले किए, लेकिन भारतीय सेना ने अधिकांश हमलों को नाकाम कर दिया। अंततः दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत से स्थिति को नियंत्रित किया गया।
Advertisement
In-Article Ad
ऑपरेशन सिंदूर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति और कार्रवाई में कोई ढील नहीं दी जाएगी, जिससे नागरिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकेगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि भारत को आतंकवाद के खिलाफ और सख्त कदम उठाने चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



-1778143462203.webp&w=1200&q=75)