उत्तराखंड के प्राचीन शिव मंदिर: जागेश्वर, बागेश्वर और मुक्तेश्वर का धार्मिक महत्व
Uttarakhand Ke Shiv Mandir: देवभूमि उत्तराखंड के 3 प्राचीन शिव मंदिर, जहां दर्शन मात्र से बन जाते हैं सारे बिगड़े काम
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उत्तराखंड, भारत में स्थित तीन प्राचीन शिव मंदिर, जागेश्वर, बागेश्वर, और मुक्तेश्वर, धार्मिक आस्था का केंद्र हैं। ये मंदिर न केवल शिव भक्तों के लिए पवित्र स्थल हैं, बल्कि इनकी पौराणिक कहानियाँ और पूजन परंपराएँ भी महत्वपूर्ण हैं।
- 01जागेश्वर धाम को उत्तराखंड का पांचवां धाम माना जाता है।
- 02बागेश्वर में भगवान शिव ने बाघ के रूप में दर्शन दिए थे।
- 03मुक्तेश्वर मंदिर का संबंध महाभारत काल से है।
- 04इन मंदिरों में शिवलिंग की पूजा की प्रथा प्राचीन है।
- 05हर साल मकर संक्रांति पर बागेश्वर में बड़ा मेला लगता है।
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उत्तराखंड, भारत में भगवान शिव के कई प्रसिद्ध मंदिर हैं, जिनमें जागेश्वर, बागेश्वर, और मुक्तेश्वर शामिल हैं। जागेश्वर धाम को उत्तराखंड का पांचवां धाम माना जाता है, जहां शिवलिंग की पूजा की परंपरा का आरंभ हुआ था। इसे योगेश्वर ज्योतिर्लिंग के नाम से भी जाना जाता है। बागेश्वर धाम में भगवान शिव ने बाघ के रूप में दर्शन दिए थे, और यहां पर 'व्याघ्रेश्वर' के रूप में शिव की पूजा होती है। मुक्तेश्वर मंदिर का संबंध महाभारत काल से है, जहां पांडवों ने शिवलिंग की स्थापना की थी। इन सभी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रहती है, विशेषकर मकर संक्रांति के दौरान बागेश्वर में लगने वाले मेले में।
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इन मंदिरों की धार्मिक महत्ता से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलता है, जिससे स्थानीय व्यवसाय और संस्कृति को भी लाभ होता है।
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