भारत में बिजली का बल्ब जलने का ऐतिहासिक क्षण: कोलकाता का योगदान
GK Facts: भारत में पहली बार कब जला था बिजली का बल्ब? जानिए किस शहर ने सबसे पहले देखा रोशनी का चमत्कार

Image: Zee News
भारत में बिजली का पहला बल्ब 24 जुलाई 1879 को कोलकाता में जलाया गया, जो उस समय ब्रिटिश भारत की राजधानी था। इस घटना ने देश में बिजली के विस्तार की शुरुआत की, जिससे अन्य शहरों में भी रोशनी का आगाज़ हुआ। आज भारत में हर गांव तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य पूरा हो चुका है।
- 01कोलकाता में 24 जुलाई 1879 को पहली बार बिजली का बल्ब जलाया गया था।
- 021899 में कलकत्ता इलेक्ट्रिक सप्लाई कॉर्पोरेशन (CESC) ने थर्मल पावर प्लांट शुरू किया।
- 031882 में मुंबई और 1905 में बेंगलुरु ने बिजली की शुरुआत की।
- 04भारत सरकार ने हर गांव तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य 2018 में पूरा किया।
- 05मणिपुर का लेइसांग गांव भारत का आखिरी गांव था, जहां बिजली ग्रिड पहुंचा।
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भारत में बिजली का उपयोग आज के समय में एक आवश्यकता बन चुका है, लेकिन 19वीं शताब्दी के अंत में, अधिकांश लोग अंधेरे में जीवन बिताते थे। 24 जुलाई 1879 को कोलकाता में पहली बार बिजली का बल्ब जलाया गया, जो उस समय ब्रिटिश भारत की राजधानी थी। यह घटना लोगों के लिए एक चमत्कार से कम नहीं थी। इसके बाद, 1899 में कलकत्ता इलेक्ट्रिक सप्लाई कॉर्पोरेशन (CESC) ने नियमित बिजली आपूर्ति शुरू की। धीरे-धीरे, 1882 में मुंबई और 1905 में बेंगलुरु जैसे अन्य शहरों में भी बिजली पहुंचने लगी। आजादी के बाद, भारत सरकार ने हर गांव तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा और 2018 में इसे पूरा किया, जब मणिपुर का लेइसांग गांव आखिरी गांव बना जहां बिजली ग्रिड पहुंचा। बिजली ने न केवल घरों को रोशन किया, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर भी प्रदान किए।
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बिजली के विस्तार ने न केवल घरों को रोशन किया, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर भी खोले हैं।
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