भारत में पेट्रोल में 30% एथनोल मिश्रण की तैयारी, नए मानक जारी
पेट्रोल में 30% एथनोल ब्लेंडिंग का रास्ता साफ, सरकार ने जारी किए मानक नियम

Image: Jagran
भारत सरकार ने पेट्रोल में 30% एथनोल मिश्रण को लागू करने के लिए नए मानक जारी किए हैं, जिसमें ई-22 से ई-30 तक के मानक शामिल हैं। यह कदम ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जबकि देश की विदेशी मुद्रा बचत में भी मदद मिलेगी।
- 01भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) ने ई-22, ई-25, ई-27 और ई-30 मानक जारी किए हैं।
- 02भारत 90% कच्चे तेल का आयात करता है, जिससे पिछले वित्त वर्ष में आयात बिल 123 अरब डॉलर रहा।
- 032014 से अब तक ई-20 मिश्रित ईंधन से 1.44 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचत हुई है।
- 04टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के विक्रम गुलाटी ने एथनोल मिश्रण की बिक्री को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
- 05ब्राजील में औसतन 50-55% एथनोल मिश्रित पेट्रोल की बिक्री होती है, जो भारत के लिए एक उदाहरण है।
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भारत सरकार ने पेट्रोल में एथनोल के मिश्रण को बढ़ाने के लिए नए मानक जारी किए हैं, जिसमें ई-22 से लेकर ई-30 तक के मानक शामिल हैं। यह कदम देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्तमान में, भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का आयातक है और अपनी जरूरत का लगभग 90% तेल आयात करता है। पिछले वित्त वर्ष में कच्चे तेल का आयात बिल 123 अरब डॉलर रहा। 2014 से अब तक, एथनोल मिश्रित ईंधन की बिक्री से भारत को लगभग 1.44 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचत हुई है। यह कदम वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में चल रहे विवादों के बीच और भी महत्वपूर्ण हो गया है। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के विक्रम गुलाटी ने इस विकास का स्वागत करते हुए कहा कि भारत को ब्राजील के उदाहरण से सीखना चाहिए, जहां एथनोल मिश्रित पेट्रोल की बिक्री काफी अधिक है।
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यह कदम भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा और विदेशी मुद्रा बचत में मदद करेगा।
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