E25 ईंधन के परीक्षण की आवश्यकता पर ऑटो उद्योग की चिंता
E25 ईंधन लागू करने से पहले टेस्टिंग जरूरी, ऑटो इंडस्ट्री ने जताई चिंता
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भारत में लगभग 24 करोड़ दोपहिया और 4 करोड़ कारें चलती हैं, जो कम एथनॉल वाले ईंधन के लिए बनाई गई हैं। ऑटो उद्योग ने सरकार से ई25 ईंधन के लिए परीक्षण शुरू करने की मांग की है, ताकि वाहन सही तरीके से इस नए मिश्रण पर चल सकें।
- 01भारत में 24 करोड़ दोपहिया और 4 करोड़ कारें हैं, जो कम एथनॉल वाले ईंधन के लिए डिज़ाइन की गई हैं।
- 02ऑटो उद्योग ने 2026 में ई25 ईंधन के परीक्षण की आवश्यकता जताई है।
- 03वर्तमान में, ई20 (20% एथनॉल और 80% पेट्रोल) अनिवार्य है।
- 04ई25 में जाने के लिए चरणबद्ध बदलाव की आवश्यकता है।
- 05पुराने वाहनों की विभिन्नता के कारण मिश्रण में बदलाव का प्रभाव अलग-अलग हो सकता है।
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भारत में लगभग 24 करोड़ दोपहिया और 4 करोड़ कारें वर्तमान में कम एथनॉल वाले ईंधन के लिए बनाई गई हैं। ऑटो उद्योग ने सरकार से ई25 ईंधन के लिए परीक्षण करने की मांग की है, जो कि 2026 में होना चाहिए। वाहन निर्माताओं का मानना है कि यदि उचित जागरूकता, ईंधन मूल्य निर्धारण और स्पष्ट मार्गदर्शन हो, तो ग्राहक इसे अपनाने में सहज महसूस करेंगे। वर्तमान में, ई20 (20% एथनॉल और 80% पेट्रोल) सभी पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध है। वाहन उद्योग के अधिकारियों ने सुझाव दिया है कि ई25 में जाने के बजाय, चरणबद्ध बदलाव किया जाना चाहिए, जिससे सभी प्रकार के वाहनों का प्रदर्शन प्रभावित न हो। विभिन्न प्रकार के वाहनों में एथनॉल मिश्रण पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ हो सकती हैं, इसलिए एक सुव्यवस्थित बदलाव आवश्यक है।
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यदि ई25 ईंधन का परीक्षण सफल होता है, तो यह वाहन मालिकों के लिए ईंधन की लागत और प्रदर्शन में सुधार कर सकता है।
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