ईरान-इजरायल तनाव से प्रभावित होकर रुपये में आई गिरावट
ईरान-इजरायल तनाव से हिला फॉरेक्स मार्केट, एक ही दिन में 0.8% टूटकर 95.71 पर पहुंचा रुपया
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सोमवार को ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण भारतीय रुपया 0.8% गिरकर 95.71 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने रुपये पर दबाव डाला।
- 01सोमवार को रुपया 95.71 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर 94.94 से 0.8% कम है।
- 02रुपये ने पिछले चार सप्ताह में सबसे बड़ी एक दिवसीय गिरावट दर्ज की।
- 032026 में रुपये में अब तक 6.1% की गिरावट आई है।
- 04ब्रेंट वायदा की कीमत 96.86 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो 98 डॉलर प्रति बैरल तक भी गई।
- 05पिछले एक वर्ष में रुपये में 10.5% की गिरावट आई है।
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सोमवार को ईरान और इजरायल के बीच फिर से भड़की लड़ाई के चलते भारतीय रुपये में गिरावट आई, जो 0.8% गिरकर 95.71 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह गिरावट पिछले शुक्रवार को विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों के बाद आई, जब रुपये ने अपनी सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़त दर्ज की थी। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के विश्लेषक दिलीप परमार ने बताया कि पश्चिम एशिया में तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों में उछाल लाया और अमेरिकी डॉलर की मांग को बढ़ावा दिया। इस कारण रुपये पर दबाव बढ़ा। ब्रेंट वायदा की कीमत 96.86 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो कि 98 डॉलर प्रति बैरल तक भी गई। साथ ही, अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़ों ने यह संकेत दिया कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ा सकता है, जिससे रुपये जैसी मुद्राओं पर दबाव बढ़ा। पिछले एक वर्ष में रुपये में 10.5% की गिरावट आई है।
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रुपये में गिरावट से आयात महंगा हो सकता है, जिससे घरेलू बाजार में महंगाई बढ़ सकती है।
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