भारत में खाद की उपलब्धता: होर्मुज संकट के बावजूद स्थिति स्थिर
होर्मुज संकट के चलते देश में क्या हो गई खाद की कमी? सरकार ने बताया अभी क्या हैं हालात
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पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद भारत में खाद की उपलब्धता मजबूत है। सरकार के अनुसार, वर्तमान में 197.56 लाख मीट्रिक टन खाद का स्टॉक है, जो कुल आवश्यकता का 51% है। जैविक खाद की मांग में वृद्धि और समय पर आयात से स्थिति में सुधार हुआ है।
- 01भारत में वर्तमान में 197.56 लाख मीट्रिक टन खाद का स्टॉक है, जो कुल आवश्यकता का 51% है।
- 02खरीफ सीजन में 86.65 लाख मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक की बिक्री हुई है, जो कुल आवश्यकता का 22.57% है।
- 03जैविक खाद की बिक्री पिछले साल के 3.20 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 11.17 लाख मीट्रिक टन हो गई है।
- 04सरकार ने 28 फरवरी के बाद से 147.40 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त उर्वरक प्रणाली में जोड़ा है।
- 05उर्वरक कंपनियों को सब्सिडी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर किया जा रहा है, जिससे उत्पादन में कोई रुकावट नहीं आ रही है।
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पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण खाद की उपलब्धता को लेकर चिंताएं थीं, लेकिन भारत सरकार ने ताजा आंकड़ों से स्थिति को स्थिर बताया है। वर्तमान में देश में 197.56 लाख मीट्रिक टन खाद का स्टॉक है, जो कुल आवश्यकता का 51% है। खरीफ सीजन के दौरान किसानों ने 86.65 लाख मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक खरीदा है, जो कुल आवश्यकता का 22.57% है। जैविक खाद की मांग में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, पिछले साल की तुलना में 3.20 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 11.17 लाख मीट्रिक टन हो गई है। सरकार ने 28 फरवरी के बाद से 147.40 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त उर्वरक का आयात किया है और सब्सिडी का भुगतान नियमित रूप से किया जा रहा है। इस प्रकार, खाद की उपलब्धता और समय पर आयात से किसानों को राहत मिली है।
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किसानों को खाद की उपलब्धता में सुधार से खेती में सफलता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
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