ईरान-इजरायल संघर्ष के 100 दिन: वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव
'अब दिखने लगा असली संकट...', युद्ध के 100 दिन पूरे होने पर ये वॉर्निंग

Image: Aaj Tak
ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को संकट में डाल दिया है। 100 दिन पूरे होने पर, विश्व बैंक और OECD ने चेतावनी दी है कि अगर संघर्ष जारी रहा, तो महंगाई और व्यापार में रुकावटें बढ़ेंगी।
- 01ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से वैश्विक व्यापार में देरी बढ़ रही है, जिससे विश्व बैंक का ग्लोबल सप्लाई चेन स्ट्रेस इंडेक्स बढ़ा है।
- 02मेर्स्क ने बताया कि युद्ध के कारण उसकी लागत हर महीने करीब 500 मिलियन डॉलर बढ़ रही है।
- 03OECD के अनुसार, अगर संघर्ष 2027 तक जारी रहा, तो वैश्विक आर्थिक वृद्धि 2026 में 2.8% और 2027 में 3.1% तक धीमी हो सकती है।
- 04महंगाई का खतरा बढ़ रहा है, क्योंकि माल ढुलाई की लागत में वृद्धि से कंपनियों को कीमतें बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ सकता है।
- 05अगर शिपिंग रूट्स में रुकावटें बनी रहीं, तो इसका असर केवल शिपिंग क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक व्यापार पर भी पड़ेगा।
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ईरान और इजरायल के बीच युद्ध ने वैश्विक आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जो अब 100 दिन पूरे कर चुका है। विश्व बैंक के नए आंकड़ों के अनुसार, इस संघर्ष का असर केवल युद्ध क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गहरा संकट खड़ा कर रहा है। मेर्स्क, जो दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग कंपनियों में से एक है, ने चेतावनी दी है कि युद्ध के कारण उसकी लागत हर महीने करीब 500 मिलियन डॉलर बढ़ रही है। इसके पीछे ईंधन की बढ़ती कीमतें और महंगा होता इंश्योरेंस कवर शामिल हैं। OECD ने भी चेतावनी दी है कि अगर संघर्ष 2027 तक जारी रहा, तो वैश्विक आर्थिक वृद्धि में कमी आ सकती है। इसके चलते महंगाई का खतरा बढ़ रहा है, क्योंकि कंपनियों को माल ढुलाई की बढ़ती लागत के कारण अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ सकता है।
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युद्ध के चलते बढ़ती शिपिंग लागत और महंगाई का असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
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