भारत की पहली डिजिटल जनगणना: युवाओं के लिए नौकरी के अवसर और सैलरी
देश की पहली डिजिटल जनगणना में युवाओं के लिए कितनी नौकरी? मिलेगी इतनी सैलरी
Aaj Tak
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भारत 2027 में अपनी पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना का आयोजन करेगा, जिसमें युवाओं के लिए लगभग 30 लाख नौकरियों के अवसर उपलब्ध होंगे। इस प्रक्रिया में डेटा संग्रहण के लिए स्मार्टफोन और टैबलेट का उपयोग किया जाएगा, जिससे सटीकता और गति में सुधार होगा।
- 012027 में होने वाली जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी।
- 02युवाओं के लिए लगभग 30 लाख नौकरियों की आवश्यकता होगी।
- 03सेल्फ एन्युमरेशन की सुविधा से नागरिक घर बैठे डेटा दर्ज कर सकेंगे।
- 04प्रगणक की सैलरी ₹15,000 से ₹25,000 के बीच होगी।
- 05डेटा विश्लेषक और तकनीकी सहायकों की भी आवश्यकता होगी।
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भारत 2027 में अपनी 16वीं जनगणना का आयोजन करेगा, जो पूरी तरह डिजिटल होगी। इस जनगणना में सरकारी कर्मचारी स्मार्टफोन और टैबलेट के माध्यम से डेटा संग्रह करेंगे। 'सेल्फ एन्युमरेशन' की सुविधा के तहत नागरिक घर बैठे अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इस प्रक्रिया के लिए लगभग 30 लाख फील्ड फंक्शनरीज की आवश्यकता होगी, जिससे युवाओं को नौकरी के कई अवसर मिलेंगे। जनगणना का कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा: पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 में हाउस लिस्टिंग के लिए होगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में मुख्य जनसंख्या गणना के लिए होगा। प्रगणक के लिए सैलरी ₹15,000 से ₹25,000 होगी, जबकि सुपरवाइजर को ₹25,000 से ₹35,000 तक मिल सकता है।
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इस जनगणना से युवाओं को नौकरी के कई अवसर मिलेंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है।
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