सतना में कुपोषण का गंभीर मामला: 5 माह की बच्ची की हालत चिंताजनक
MP में पोषण अभियान पर उठे सवाल; सतना के नयागांव में कुपोषण का नया कलंक, गंभीर कुपोषित बच्ची का एक कान ही नहीं
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सतना जिले, मध्य प्रदेश में एक 5 माह की बच्ची गंभीर कुपोषण का शिकार पाई गई है, जिसका वजन केवल 2.327 किलो है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि बच्ची को बेहतर इलाज के लिए रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
- 015 माह की बच्ची मोहनी प्रजापति गंभीर कुपोषण की स्थिति में पाई गई है।
- 02बच्ची का वजन केवल 2.327 किलो है, जो गंभीर कुपोषण की श्रेणी में आता है।
- 03बच्ची के जन्मजात विकृति के कारण एक कान विकसित नहीं हुआ है।
- 04स्थानीय आंगनवाड़ी सहायिका को बच्ची की स्थिति की जानकारी थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं की गई।
- 05स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और ठोस कदम उठाने की योजना बना रहा है।
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सतना जिले, मध्य प्रदेश में कुपोषण का एक और गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें 5 माह की बच्ची मोहनी प्रजापति को गंभीर कुपोषण की स्थिति में पाया गया है। बच्ची का वजन मात्र 2.327 किलो है, जो उसकी उम्र के लिए बेहद कम है और इसे गंभीर कुपोषण (SAM) की श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा, बच्ची के जन्म से ही एक कान विकसित नहीं हुआ है, जो जन्मजात विकृति का संकेत है। स्वास्थ्य विभाग ने बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया और बाद में उसे बेहतर इलाज के लिए रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर किया। इस मामले ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, खासकर जब स्थानीय आंगनवाड़ी सहायिका को बच्ची की स्थिति की जानकारी थी, फिर भी समय पर उचित हस्तक्षेप नहीं किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इतनी गंभीर स्थिति होने के बावजूद समय पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
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यह मामला ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही को उजागर करता है और कुपोषण के खिलाफ प्रभावी उपायों की आवश्यकता को दर्शाता है।
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