कैसे एक व्यक्ति ने झुग्गी-झोपड़ी के बच्चों को करोड़पति बनाया
मिलिए उस शख्स से जिसने बदली गार्ड्स के बच्चों की तकदीर, कैसे झुग्गी-झोपड़ी से निकालकर बना दिया करोड़पति?
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हैदराबाद के पोथुकुची श्रीनिवास ने अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर वॉचमैन और गरीब मजदूरों के बच्चों के लिए एक ट्रस्ट की स्थापना की। उनके प्रयासों से 1500 से अधिक बच्चों की जिंदगी में बदलाव आया है, जिनमें से कई आज बड़ी कंपनियों में काम कर रहे हैं।
- 01पोथुकुची श्रीनिवास ने 2003 में अपनी जर्मन कंपनी की नौकरी छोड़कर बच्चों की शिक्षा के लिए ट्रस्ट की स्थापना की।
- 02उनके ट्रस्ट ने 1500 से अधिक बच्चों को स्कूल की फीस, किताबें और कोचिंग क्लासेस का खर्च उठाने में मदद की।
- 03अकुला कल्याणी, जो एक वॉचमैन की बेटी हैं, अब एक बड़ी आईटी कंपनी में सालाना ₹20 लाख कमाती हैं।
- 04श्रीनिवास का ट्रस्ट न केवल शिक्षा प्रदान करता है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और मार्गदर्शन का भी ध्यान रखता है।
- 05पढ़ाई पूरी करने के बाद, छात्र ट्रस्ट में वापस आकर नई पीढ़ी को गाइड करते हैं और आर्थिक मदद करते हैं।
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हैदराबाद के पोथुकुची श्रीनिवास ने अपनी आरामदायक कॉर्पोरेट नौकरी को छोड़कर वॉचमैन और गरीब मजदूरों के बच्चों की शिक्षा के लिए समर्पित किया। उन्होंने 2003 में पोथुकुची सोमासुंदरा सोशल वेलफेयर एंड चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना की। इस ट्रस्ट ने 1500 से अधिक बच्चों को शिक्षा, किताबें, यूनिफॉर्म और कोचिंग क्लासेस का खर्च उठाने में मदद की है। इन बच्चों में से कई अब बड़ी कंपनियों में काम कर रहे हैं, जैसे कि अकुला कल्याणी, जो एक वॉचमैन की बेटी हैं और अब एक आईटी कंपनी में सालाना ₹20 लाख कमा रही हैं। श्रीनिवास का ट्रस्ट न केवल शिक्षा प्रदान करता है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और मार्गदर्शन का भी ध्यान रखता है। पढ़ाई पूरी करने के बाद, छात्र वापस आकर नई पीढ़ी को गाइड करते हैं और आर्थिक मदद करते हैं।
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श्रीनिवास के ट्रस्ट ने वॉचमैन और गरीब मजदूरों के बच्चों के लिए शिक्षा के अवसर प्रदान किए हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।
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