कटक कोर्ट ने आतंकी साजिश के आरोप में अब्दुर रहमान को बरी किया
आतंकी साजिश मामले में अब्दुर रहमान बरी, सबूतों के अभाव में कटक कोर्ट का फैसला

Image: Jagran
कटक जिले के जगतपुर निवासी अब्दुर रहमान को 2015 में आतंकवादी संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन सबूतों के अभाव में कटक सेशन कोर्ट ने उसे बरी कर दिया। रहमान पर अल-कायदा के लिए नेटवर्क फैलाने का आरोप था।
- 01अब्दुर रहमान को 2015 में आतंकवादी संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
- 02दिल्ली पुलिस ने अल-कायदा के भारत में नेटवर्क फैलाने की कोशिश की सूचना पर कार्रवाई की थी।
- 03रहमान पर आरोप था कि उसने एक मदरसा खोला था, जहां झारखंड और बिहार के बच्चों को शिक्षा दी जा रही थी।
- 04उसे क्राइम ब्रांच ने दो चरणों में 17 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी।
- 05कटक सेशन कोर्ट ने सबूतों के अभाव में रहमान को बरी किया।
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कटक जिले के जगतपुर थाना क्षेत्र के निवासी अब्दुर रहमान को कटक सेशन कोर्ट ने आतंकवादी संबंधों के आरोप में सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। 2015 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने रहमान को गिरफ्तार किया था, जब यह पता चला था कि अल-कायदा भारत में अपना नेटवर्क फैलाने की कोशिश कर रहा है। रहमान पर आरोप था कि उसने टांगी थाना क्षेत्र के बिलतेरुआं में एक मदरसा खोला था, जहां झारखंड और बिहार के बच्चों को शिक्षा दी जा रही थी। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने रहमान के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। हालांकि, कोर्ट ने सबूतों की कमी के चलते उसे बरी कर दिया।
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इस फैसले से रहमान की व्यक्तिगत स्वतंत्रता बहाल हुई है, लेकिन यह स्थानीय समुदाय में आतंकवाद से जुड़े मामलों की संवेदनशीलता को भी दर्शाता है।
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