तेलंगाना में माओवादी नेता नरहरि का आत्मसमर्पण, संगठन को बड़ा झटका
तेलंगाना में नक्सलवाद की कमर टूटी; माओवादी वित्तीय नेटवर्क के मास्टरमाइंड नरहरि ने किया पुलिस के सामने आत्मसमर्पण

Image: Jagran
तेलंगाना में माकपा (माओवादी) के सदस्य पसुनूरी नरहरि और उसकी पत्नी दानम्मा ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। नरहरि पर 25 लाख रुपये का इनाम था। उनके आत्मसमर्पण से माओवादी संगठन को गंभीर नुकसान हुआ है। इस साल अब तक 264 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।
- 01पसुनूरी नरहरि, जो माकपा (माओवादी) की बिहार-झारखंड विशेष क्षेत्र समिति का सचिव है, ने आत्मसमर्पण किया।
- 02नरहरि की पत्नी दानम्मा पर 20 लाख रुपये का इनाम था और उसने भी आत्मसमर्पण किया।
- 03तेलंगाना पुलिस ने नरहरि और दानम्मा का इलाज पिछले 10 दिनों से एक अस्पताल में किया।
- 04इस वर्ष तेलंगाना में 264 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिससे संगठन की स्थिति कमजोर हुई है।
- 05नरहरि ने माकपा (माओवादी) के विभिन्न पदों पर कार्य किया और उसे 2017 में केंद्रीय समिति में शामिल किया गया।
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तेलंगाना में, माकपा (माओवादी) के केंद्रीय समिति के सदस्य पसुनूरी नरहरि उर्फ विश्वनाथ ने 25 लाख रुपये के इनाम के साथ आत्मसमर्पण किया। नरहरि की पत्नी, दानम्मा, जो 20 लाख रुपये की इनामी है, ने भी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। डीजीपी सीवी आनंद ने बताया कि इस आत्मसमर्पण से माकपा (माओवादी) को बड़ा झटका लगा है। नरहरि और दानम्मा दोनों डेंगू और मलेरिया से पीड़ित थे और पिछले 10 दिनों से अस्पताल में थे। तेलंगाना में इस वर्ष अब तक 264 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। डीजीपी ने कहा कि वर्तमान में राज्य में केवल तीन भूमिगत माओवादी कैडर हैं। नरहरि ने कहा कि संगठन को हुए नुकसान के कारण माकपा (माओवादी) का सशस्त्र संघर्ष कठिन हो गया है।
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माओवादी नेताओं का आत्मसमर्पण संगठन की गतिविधियों को कमजोर करेगा और स्थानीय सुरक्षा स्थिति में सुधार करेगा।
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