मार्च में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि 4.1% पर पहुंची, पांच महीने का निचला स्तर
औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार घटी, मार्च में 5 महीने के निचले स्तर 4.1% पर
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भारत के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि मार्च 2023 में 4.1% पर आ गई, जो फरवरी के 5.1% से 100 आधार अंक कम है। कमजोर विनिर्माण और बिजली क्षेत्र के प्रदर्शन को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में स्थिति और बिगड़ सकती है।
- 01मार्च में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि 4.1% पर आ गई।
- 02विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि 4.3% और बिजली उत्पादन की वृद्धि 0.8% रही।
- 03कई क्षेत्रों में उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई, विशेषकर मध्यवर्ती वस्तुओं में।
- 04विशेषज्ञों का कहना है कि आगे की तिमाही में स्थिति और खराब हो सकती है।
- 05वित्त वर्ष 26 में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि 4.1% रही।
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भारत के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि मार्च 2023 में 4.1% पर आ गई, जो कि पिछले महीने के 5.1% से 100 आधार अंक कम है। यह आंकड़े राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी किए गए हैं। विनिर्माण और बिजली क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। मार्च में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि 4.3% रही, जो पिछले पांच महीनों में सबसे कम है। बिजली उत्पादन की वृद्धि भी घटकर 0.8% पर आ गई। इस दौरान खनन उत्पादन में 5.5% की वृद्धि हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में आर्थिक अनिश्चितता और कमजोर उत्पादक भावना के कारण स्थिति और बिगड़ सकती है। मार्च में छह औद्योगिक क्षेत्रों में से तीन ने गिरावट दर्ज की, जिसमें मध्यवर्ती वस्तुओं का उत्पादन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। कुल मिलाकर, वित्त वर्ष 26 में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि 4.1% रही, जो वित्त वर्ष 25 के 4% से थोड़ी अधिक है।
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कमजोर औद्योगिक उत्पादन का असर उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों और रोजगार पर पड़ सकता है।
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