फर्रुखाबाद में अवैध खनन का कारोबार, प्रशासन की अनदेखी
रात के अंधेरे में खनन का काला कारोबार, फर्रुखाबाद में धड़ल्ले से चल रही जेसीबी, सो रहा प्रशासन
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फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश में अवैध खनन का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, जहां स्थानीय माफिया रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनों का उपयोग कर रेत और मिट्टी निकाल रहे हैं। प्रशासन और पुलिस की अनदेखी से पर्यावरण पर गंभीर खतरे मंडरा रहे हैं।
- 01फर्रुखाबाद के चाचूपुर गांव में अवैध खनन का कारोबार रात में चल रहा है।
- 02स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ग्राम प्रधान और खनन माफिया मिलकर यह कार्य कर रहे हैं।
- 03खनन अधिकारियों को लाखों रुपये वेतन मिलते हैं, लेकिन वे कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
- 04अवैध खनन के कारण जलस्तर में गिरावट और भूमि धंसने का खतरा बढ़ गया है।
- 05पुलिस की मूकदर्शकता से माफियाओं का हौसला और बढ़ गया है।
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उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में अवैध खनन का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है, विशेषकर चाचूपुर गांव में। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह सब ग्राम प्रधान की मिलीभगत से हो रहा है, जहां रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनें और बड़े ट्रक प्रतिबंधित इलाकों में पहुंचते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन अधिकारी एसी कमरों में बैठे रहते हैं, जबकि उन्हें लाखों रुपये का वेतन अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए मिलता है। इस अवैध गतिविधि के कारण खेतों के किनारे कटने, जलस्तर में गिरावट और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। पुलिस को इस बारे में जानकारी है, लेकिन वे कार्रवाई करने से बच रहे हैं। इस स्थिति ने स्थानीय किसानों की उपजाऊ जमीन को बर्बाद करने और भविष्य में बाढ़ और भूमि धंसने के खतरों को बढ़ा दिया है। अब यह देखना है कि प्रशासन इस मुद्दे पर कब कार्रवाई करेगा।
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अवैध खनन से स्थानीय जलस्तर में गिरावट और कृषि भूमि का कटाव हो रहा है।
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