माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई के दौरान अरुण तिवारी की मृत्यु, परिवार ने शव वहीं छोड़ने का लिया निर्णय
एवरेस्ट पर चढ़ाई करते हुई मौत, परिवार ने अरुण तिवारी का शव वहीं क्यों छोड़ दिया?

Image: Zee News
53 वर्षीय अरुण कुमार तिवारी की माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई के दौरान मृत्यु हो गई। उनके परिवार ने शव को वहीं छोड़ने का निर्णय लिया, जिसका कारण धार्मिक मान्यताएँ और हिमालय के प्रति तिवारी का प्रेम बताया गया।
- 01अरुण तिवारी की मृत्यु हिलेरी स्टेप के पास हुई, जो एवरेस्ट के डेथ जोन में है।
- 02शव को लाने के लिए 89.7 लाख रुपये का खर्च बताया गया था, जो चढ़ाई के खर्च से दोगुना है।
- 03परिवार ने धार्मिक मान्यताओं के कारण शव को वापस न लाने का निर्णय लिया।
- 04तिवारी के साथ संदीप अरे भी थे, जिनकी मृत्यु थोड़ी कम ऊंचाई पर हुई थी और उनका शव निकाला जा सका।
- 05तिवारी के परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटियाँ हैं।
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53 वर्षीय अरुण कुमार तिवारी ने पिछले साल माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की, लेकिन हिलेरी स्टेप के पास उनकी मृत्यु हो गई। उनके परिवार ने शव को वहीं छोड़ने का निर्णय लिया है, जिसका मुख्य कारण धार्मिक मान्यताएँ और हिमालय के प्रति तिवारी का प्रेम बताया गया। पायनियर एडवेंचर ने शव को लाने के लिए 89.7 लाख रुपये का खर्च बताया था, जो एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने के खर्च से दोगुना है। तिवारी के निजी शेरपा गाइड ने उन्हें नीचे उतरने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने चोटी तक पहुँचने की इच्छा से आगे बढ़ना जारी रखा। तिवारी की मृत्यु के बाद, परिवार ने हिमालय को देवी पार्वती का पिता मानते हुए शव को वापस लाने को पाप समझा। तिवारी के परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटियाँ हैं।
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इस घटना से पर्वतारोहियों और उनके परिवारों में सुरक्षा और धार्मिक मान्यताओं के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
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