नेपाल के भंसार शुल्क से प्रभावित उत्तर बिहार का व्यापार, पीएम से हस्तक्षेप की मांग
नेपाल के भंसार शुल्क की 'आग' में झुलसा उत्तर बिहार का व्यापार, पीएम से हस्तक्षेप की मांग
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नेपाल द्वारा लागू भंसार शुल्क नियमों ने उत्तर बिहार के सीमावर्ती इलाकों के व्यापार को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जिससे कई बाजारों में व्यापार ठप हो गया है। उत्तर बिहार वाणिज्य एवं उद्योग परिषद ने प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग की है।
- 01नेपाल के भंसार शुल्क नियमों ने उत्तर बिहार के व्यापार को प्रभावित किया।
- 02कई बाजारों में व्यापार ठप हो गया है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है।
- 03उत्तर बिहार वाणिज्य एवं उद्योग परिषद ने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है।
- 04मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और पूर्वी चंपारण जैसे जिलों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है।
- 05रोजगार संकट का सामना कर रहे छोटे व्यापारियों और श्रमिकों की स्थिति गंभीर है।
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नेपाल द्वारा लागू भंसार शुल्क नियमों ने उत्तर बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों के व्यापार को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। व्यापारिक गतिविधियों में कमी के कारण मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और पूर्वी चंपारण जैसे जिलों की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उत्तर बिहार वाणिज्य एवं उद्योग परिषद (एनबीसीसीआइ) ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार से नेपाल सरकार के साथ इस विषय पर तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। परिषद के अध्यक्ष श्याम सुंदर भीमसरिया ने कहा कि निर्यात में गिरावट के कारण स्थानीय उद्योग कमजोर पड़ रहे हैं, जिससे रोजगार संकट उत्पन्न हो गया है। परिषद ने अनुरोध किया है कि इस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाए ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को राहत मिल सके।
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व्यापार में गिरावट के कारण छोटे व्यापारियों और श्रमिकों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
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